अमेरिका द्वारा संचालित विश्व की प्रतिष्टित संस्था गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में बिहार के लाल का नाम दर्ज। शिक्षा के क्षेत्र में मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव का नाम पहले ही इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो चुका है। अब इनका नाम विश्व रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने भी अपने रिकॉर्ड बुक में श्रीवास्तव का नाम दर्ज कर इसे विश्व रिकॉर्ड के लिए मुहर लगा दिया।गूगल बॉय के गुरु आरके श्रीवास्तव के द्वारा नाईट क्लासेज के रूप में अभी तक 171 क्लास से अधिक बार पूरे रात लगातार 12 घण्टे शिक्षा देने हेतु विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। आपको बताते चले कि आरके श्रीवास्तव के नाईट क्लास की चर्चा अविभावक सहित शैक्षणिक संस्थाओ में खूब हो रहा। आरके श्रीवास्तवा के नाईट क्लास के मॉडल को जानने और समझने के लिए अभिभावक सहित शिक्षक भी उनके क्लास में बैठते है की कैसे आरके श्रीवास्तवा पूरे रात लगातार 12 घण्टे विद्यार्थियों को पूरे अनुसाशन के साथ मैथमेटिक्स का गुर सीखा रहे। सुबह क्लास खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स के माता पिता इस बात से काफी चकित थे की मेरा बेटा-बेटी घर पर एक घण्टे भी ठीक से पढ़ नही पाते उन्हें आरके श्रीवास्तव ने लगातार पूरे रात 12 घण्टे तक अनुसाशन के साथ बैठाकर मैथमेटिक्स का गुर सिखाया। उन्हें सेल्फ स्टडी के प्रति प्रेरित किया गया कि कैसे आप पूरे रातभर पढ़ सकते है। आर के श्रीवास्तव के नाइट क्लास के रूप मे लगातार पूरे 12 घंटे बच्चों को शिक्षा देने के मुहिम अब देशव्यापी रूप लेने लगा है।आर के श्रीवास्तव को देश के विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक संस्थाएँ गेस्ट फैक्लटी के रूप मे अपने यहाँ शिक्षा देने के लिए बुलाती है. शिक्षक भी बच्चों के साथ आर के श्रीवास्तव के क्लास लेने के तरीकों को समझने के लिए क्लास मे बैठते है की कैसे पूरे रात अनुशासन मे बच्चों को पढ़ाया जा सकता है.

क्लास देखकर बच्चे सहित शिक्षक भी श्रीवास्तव को धन्यवाद देते है की पढ़ाने की ऐसी कला सारे शिक्षकों मे आ जाये तो कोई बच्चा शिक्षा से अपने को दूर नही कर पायेगा,और सफलता उसके कदम चूमेगी. रोहतास निवासी आरके श्रीवास्तव बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गणित में बहुत अधिक रुचि थी जो नौंवी और दसवी तक आते-आते परवान चढ़ी।

 

आर के श्रीवास्तवा की बचपन भी काफी गरीबी से गुजरा है. परन्तु अपने कड़ी मेहनत, उच्ची सोच, पक्का इरादा के बल पर आज देश मे मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर है, वे कहते हैं कि मेरे जैसे देश के कई बच्चे होंगे जो पैसों के अभाव में पढ़ नहीं पाते।आर के श्रीवास्तवा अपने छात्रों में एक सवाल को अलग-अलग मेथड से हल करना भी सिखाते हैं. वे सवाल से नया सवाल पैदा करने की क्षमता का भी विकास करते हैं।

तब आसमा भी आयेगी जमी पे, बस इरादों में जीत का जुनून चाहिए। आज इन्ही पंक्ति को जीवंत कर रहे मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तवा। निर्धन छात्रों के इरादों को सम्बल प्रदान कर उनके सपनो को साकार किया है। बिक्रमगंज जैसे छोटे शहर में आरके श्रीवास्तवा ने कई निर्धन छात्रों को निःशुल्क पढ़ा आईआईटी ,एनडीए और अन्य इंजिनयरिंग कॉलेजों में दाखिला के लिये कामयाब किया।

मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तवा अमेरिकी विवि से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हो चुके है। लीक से हटकर कुछ अलग करने के इरादे से नौकरी नही की। हिटजी नामक संस्था के तहत वंडर किड्स प्रोग्राम की स्थापना कर गरीब छात्रों के इरादों को पंख लगाने लगे। मूलतः आरके श्रीवास्तवा ( रजनी कांत श्रीवास्तवा) जमोढी ( नटवार) निवासी अपने पिता पारस नाथ लाल और बड़े भाई शिवकुमार की असामयिक मृत्यु के बाद भी गरीब होनहारों को कामयाबी तक पहुचाने में लगे हुए है।आज आरके श्रीवास्तव के कामयाबी की धुन दूसरे राज्यो में भी बज चुके है।

नाईट क्लास प्रारूप ने सैकड़ो स्टूडेंट्स को किया कामयाब-

सब्जी विक्रेता के बेटा , गरीब किसान, पान विक्रेता, मजदूर के बच्चो को श्रीवास्तव ने आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई, एनडीए, स्टेट इंजीनियरिंग सहित अनेको प्रतिष्टित प्रवेश परीक्षा में सफलता दिलाकर उनके सपने को पंख लगाया।

क्या कहते है सफल छात्र– आरके श्रीवास्तवा सर ने हमे सिखाया की सेल्फ स्टडी कैसे किया जाता है। इंजिनियरिंग कॉलेजो में दाखिला का सपना तो मैंने कभी देखा ही नही था। लेकिन उन्होंने मेरे इरादों को जीत के जुनून में बदला। नाईट क्लास के रूप में लगातार पूरे रात शिक्षा ग्रहण करना मेरे सपने को पंख लगाने में अहम रोल निभाया।

देश सहित बिहार को गर्वान्वित करने हेतु काफी लोगो ने आरके श्रीवास्तव को दिया बधाई ।

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