गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत की निमंत्रण को अखिकार अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्वीकार कर दिया है. ट्रंप ने भारत न आने की वजह 26 जनवरी के आसपास अपनी व्यस्तता बताया है. माना जा रहा है कि 22 जनवरी से फरवरी के पहले सप्ताह तक ट्रंप का स्टेट ऑफ यूनियन का संबोधन उनकी व्यस्तता का मुख्य वजह है.

ट्रंप का ये फैसला ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और भारत के रिश्तों में रुस से हथियारों की खरीद के चलते कुछ तनाव चल रहा है. रुस से हथियार डील के पहले तक उम्मीद लगाए जा रहे थे कि ट्रंप 26 जनवरी को भारत आ सकते है, लेकिन बाद में अमेरिका को जैसा रुख रहा, उससे आशंका जताई जा रही थी  कि ये दौरा रद्द हो सकता है.

कुछ समय पहले व्हाइट हाउस की तरफ से बयान आया था कि ट्रंप गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत जाएंगे या नही, इस पर अभी तक फैसला नही लिया गया है. हालांकी व्हाइट हाउस ने इससे पहले कहा था कि ट्रंप को निमंत्रण गणतंत्र दिवस के लिए ही दिया गया था. ट्रंप को यह निमंत्रण पीएम मोदी के 2017 के अमेरिकी दौरे पर दिया गया था.

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा था कि भारत से न्यौता मिला है, लेकिन मैं नही मानती कि इस पर अंतिम फैसला कर लिया गया है.

इससे पहले 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच समय निकाल कर रिपब्लिक डे परेड में चीफ गेस्ट के तौर पर शिरकत की थी.

भारत में  हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा रही है. साल 2015 में बराक ओबामा, साल 2016 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रैंकोईस होलैंड, 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 2018 में आसियान के सभी 10 नेता भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थें.

 

 

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