पटना:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर पटना सिटी के लाख से अधिक निवासियों को जाम की समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है. रेल मंत्रलय पटना घाट रेललाइन एवं स्टेशन की जमीन को बिहार सरकार को सौंपने के लिए तैयार हो गया है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को इस रेलखंड की जमीन पर फोर लेन सड़क बनाने की घोषणा की है. शहर के बाइपास से पटना साहिब स्टेशन होते हुए वाया पटना घाट होकर गंगा एक्सप्रेसवे से मिलने वाली सड़क के निर्माण से स्थानीय निवासियों को काफी बड़ा फायदा होगा.

नीतीश कुमार बुधवार को पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव के साथ अधिकारियों की पूरी टीम लेकर पटना घाट स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उनके साथ दानापुर मंडल रेल प्रबंधक रंजन प्रकाश ठाकुर भी थे. रेल मंत्रलय की ओर से पटना घाट स्टेशन समेत इस पूरे रेलखंड की 22 एकड़ जमीन का स्थानांतरण शीघ्र किए जाने की बात कही गई है. रेलवे इसके बदले में नकद राशि नहीं, बल्कि हार्डिग पार्क की जमीन मांग रहा है. इससे पटना जंक्शन के विस्तार में काफी सुविधा होगी, जिससे आम जनता को काफी फायदा होगा.

रेल मंत्रलय और राज्य सरकार के बीच इस भूखंड को लेकर लिखित औपचारिकता पूरी होते ही सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है. गंगा एक्सप्रेस-वे से पटना घाट की यह प्रस्तावित सड़क जुड़ते ही पटना साहिब क्षेत्र एक रिंग रोड से जुड़ जाएगा. विश्व के दूसरे बड़े तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहब, देश का पहला सूफी रिसर्च सेंटर, जैन मंदिर, कई खानकाह, जल्ला वाले महावीर मंदिर, बड़ी और छोटी पटन देवी, मां शीतला मंदिर तथा बिहार की व्यावसायिक मंडी तक दूर-दराज से लोगों का पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.

पटना घाट से पटना साहिब की फोरलेन सड़क एक तरफ सुदर्शन पथ, गुलजारबाग स्टेशन मार्ग, अगमकुआं आरओबी, एनएच, ओल्ड बाइपास, कुम्हरार कंकड़बाग रोड, और दूसरी ओर अशोक राजपथ के रास्ते गांधी मैदान तथा राजधानी के विभिन्न हिस्सों से जुड़ जाएगी. प्रस्तावित फोरलेन के इस रिंग रोड से मालसलामी मंडी, गुरु का बाग, दीदारगंज के रास्ते एनएच-30 आसानी से पहुंचा जा सकेगा.

Source: Live Cities News

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