सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

11 अक्टूबर 1942 को जन्मे अमिताभ आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं.

जन्मदिन के मौके पर बिग-बी को दुनियाभर से ढेरों बधाईयां मिल रही हैं.

सहस्राब्दिक के महानायक कहे जाने वाले लीजेंड अभिनेता अमिताभ 1970 के दशक में बॉलीवुड सिनेमा के ‘एंग्री यंग मैन’ कहलाए और भारतीय फिल्म इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत बन गए. अपने परिजनों के साथ अमिताभ.

अपने फिल्मी कैरियर में बिग बी के नाम से मशहूर अमिताभ ने अनेकों सम्मान जीते जिसमें उन्हें 4 बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स से नवाजा गया. खास बात ये कि उनमें से तीन बार बेस्ट एक्टर की श्रेणी में मिला.

अमिताभ बच्चन का प्रारंभिक नाम भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे से प्रेरित होकर ‘इंकलाब’ रखा. बाद में मशहूर कवि सुमित्रानंदन पंत के सुझाव पर हरिवंश राय ने नाम बदलकर अमिताभ रख दिया. जिसका अर्थ होता है ‘प्रकाश जो कभी बुझता नहीं’.

अमिताभ ने इलाहाबाद के जनाना प्रोबधिनी एंड ब्वायज हाईस्कूल से स्कूलिंग की शिक्षा ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से अमिताभ ने बीएससी किया. अमिताभ ने फिल्मों में प्रवेश से पहले कलकत्ता में शिपंग फर्म बर्ड एंड कंपनी के लिए बतौर फ्रेट ब्रोकर काम किया.

1984 में अमिताभ ने अभिनय से कुछ समय के लिए विश्राम ले लिया और अपने पुराने मित्र राजीव गांधी की सपोर्ट में राजनीति में कूद पड़े. उन्होंने इलाहाबाद लोक सभा सीट से उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एच.एन. बहुगुणा को इन्होंने आम चुनाव के इतिहास में (68.2 %) के मार्जिन से विजय दर्ज करते हुए चुनाव में हराया था.

हालांकि इनका राजनैतिक कैरियर कुछ अवधि के लिए ही था, जिसके तीन साल बाद इन्होंने अपनी राजनैतिक अवधि को पूरा किए बिना त्याग दिया. इस त्यागपत्र के पीछे इनके भाई का बोफोर्स विवाद में अखबार में नाम आना था, जिसके लिए इन्हें अदालत में जाना पड़ा.

बहुत कम लोग ऐसे हैं जो ये जानते हैं कि स्‍वयंभू प्रेस ने अमिताभ बच्‍चन पर प्रतिबंध लगा दिया था. स्‍टारडस्‍ट और कुछ अन्य पत्रिकाओं ने मिलकर एक संघ बनाया, जिसमें अमिताभ के शीर्ष पर रहते समय 15 वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया. इन्होंने अपने प्रकाशनों में अमिताभ के बारे में कुछ भी न छापने का निर्णय लिया.

ऐसा कहा गया है कि बच्चन ने कुछ पत्रिकाओं को प्रतिबंधित कर रखा था क्योंकि उनके बारे में इनमें जो कुछ प्रकाशित होता रहता था उसे वे पसंद नहीं करते थे और इसी के चलते एक बार उन्हें इसका अनुपालन करने के लिए अपने विशेषाधिकार का भी प्रयोग करना पड़ा.

फिल्म उद्योग में प्रवेश करने से पहले, बच्चन ने ऑल इंडिया रेडियो में समाचार उद्घोषक, नामक पद हेतु नौकरी के लिए आवेदन किया जिसके लिए इन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था.

बच्चन की आवाज से प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने शतरंज के खिलाड़ी में इनकी आवाज़ का उपयोग कमेंटरी के लिए करने का निर्णय ले लिया क्योंकि उन्हें इनके लिए कोई उपयुक्त भूमिका नहीं मिला था.

बच्चन अपनी जबरदस्त आवाज़ के लिए जाने जाते हैं. वे बहुत से कार्यक्रमों में एक वक्ता, पार्श्वगायक और प्रस्तोता रह चुके हैं.

अमिताभ का सरनेम श्रीवास्तव था लेकिन अमिताभ के पिता ने बच्चन उपनाम अपना लिया. इसी उपनाम से उनके सारे कार्य प्रकाशित होते थे. अमिताभ ने इसी उपनाम के साथ फिल्मों में प्रवेश किया और यह उपनाम सभी सार्वजनिक कार्यों में इस्तेमाल होने लगा.

अमिताभ ने फिल्म अभिनेत्री जया भादुड़ी से शादी की. इनकी दो संतानें हैं- श्वेता नंदा और अभिषेक बच्चन. अभिषेक भी एक अभिनेता हैं जिन्होंने मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से शादी की.

बच्चन अपनी जबरदस्त आवाज़ के लिए जाने जाते हैं. वे बहुत से कार्यक्रमों में एक वक्ता, पार्श्वगायक और प्रस्तोता रह चुके हैं.

अपने फिल्मी कैरियर में बिग बी के नाम से मशहूर अमिताभ ने अनेकों सम्मान जीते जिसमें उन्हें 4 बार नेशनल फिल्म अवार्ड्स से नवाजा गया. खास बात ये कि उनमें से तीन बार बेस्ट एक्टर की श्रेणी में मिला.

1988 में बच्चन फिल्मों में तीन साल की छोटी सी राजनैतिक अवधि के बाद वापस लौट आए और शहंशाह में शीर्षक भूमिका की जो बच्चन की वापसी के चलते बॉक्स आफिस पर सफल रही. इस वापसी वाली फिल्म के बाद इनकी स्टार पावर क्षीण होती चली गई क्योंकि इनकी आने वाली सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल होती रहीं.

14 बार फिल्म फेयर अवार्ड्स फिल्म फेयर अवार्ड्स में सबसे ज्यादा बार बेस्ट एक्टर और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नामांकित होने का रिकॉर्ड बरकरार रखा. एक्टिंग के साथ प्लेबैक सिंगर, फिल्म निर्माता, टेलीविजन प्रस्तोता के रूप में भी शानदार छाप.

अमिताभ ने इलाहाबाद के जनाना प्रोबधिनी एंड ब्वायज हाईस्कूल से स्कूलिंग की शिक्षा ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से अमिताभ ने बीएससी किया. अमिताभ ने फिल्मों में प्रवेश से पहले कलकत्ता में शिपंग फर्म बर्ड एंड कंपनी के लिए बतौर फ्रेट ब्रोकर काम किया.

1989 के अंत तक बच्चन ने उनके सैटों पर प्रेस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा था लेकिन, वे किसी विशेष पत्रिका के खिलाफ़ नहीं थे.

जनवरी 2008 में राजनीतिक रैलियों पर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अमिताभ बच्चन को अपना निशाना बनाते हुए कहा कि ये अभिनेता महाराष्ट्र की तुलना में अपनी मातृभूमि के प्रति अधिक रूचि रखते हैं.

बाल ठाकरे ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अमिताभ बच्चन एक खुले दिमाग वाला व्यक्ति है और महाराष्ट्र के लिए उनके मन में विशेष प्रेम है जिन्हें कई अवसरों पर देखा जा चुका है. इस अभिनेता ने अक्सर कहा है कि महाराष्ट्र और खासतौर पर मुंबई ने उन्हें महान प्रसिद्धि और स्नेह दिया है.

अस्थायी सेवानिवृत्ति की अवधि के दौरान बच्चन निर्माता बने और अमिताभ बच्चन कारपोरेशन लिमिटेड की स्थापना की. एबीसीएल 1996 में वर्ष 2000 तक 10 बिलियन रूपए (लगभग 250 मिलियन अमरीकी डॉलर) वाली मनोरंजन की एक प्रमुख कंपनी बनने का सपना देखा.

1996 में कंपनी के आरंभ होने के तुरंत बाद कंपनी द्वारा उत्पादित पहली फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ थी जो बॉक्स ऑफिस पर विफल रही लेकिन अरशद वारसी दक्षिण और फिल्मों के सुपर स्टार सिमरन जैसे अभिनेताओं के करियर के लिए द्वार खोल दिए. एबीसीएल ने कुछ फिल्में बनाई लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म कमाल नहीं दिखा सकी.

उनके पुराने मित्र अमर सिंह ने इनकी कंपनी एबीसीएल के फेल हो जाने के कारण आर्थिक संकट के समय इनकी मदद कीं. इसके बाद बच्चन ने अमरसिंह की राजनैतिक पाटी समाजवादी पार्टी को सहयोग देना शुरू कर दिया.

हालांकि इनका राजनैतिक कैरियर कुछ अवधि के लिए ही था, जिसके तीन साल बाद इन्होंने अपनी राजनैतिक अवधि को पूरा किए बिना त्याग दिया. इस त्यागपत्र के पीछे इनके भाई का बोफोर्स विवाद में अखबार में नाम आना था, जिसके लिए इन्हें अदालत में जाना पड़ा.

1997 में एबीसीएल द्वारा निर्मित ‘मृत्युदाता’ फिल्म से बच्चन ने अपने अभिनय में वापसी का प्रयास किया. यद्यपि मृत्युदाता ने बच्चन की पूर्व एक्शन हीरो वाली छवि को वापस लाने की कोशिश की लेकिन एबीसीएल के उपक्रम वाली फिल्म थी और विफलता दोनों के आर्थिक रूप से गंभीर है.

इस घटनाक्रम और एबीसीएल के चारों ओर कानूनी लड़ाइयों और इस कार्यक्रम के विभिन्न गठबंधनों के परिणामस्वरूप यह तथ्य प्रकट हुआ कि एबीसीएल ने अपने अधिकांश उच्च स्तरीय प्रबंधकों को जरूरत से ज्यादा भुगतान किया है जिसके कारण वर्ष 1997 में वह वित्तीय और क्रियाशील दोनों तरीके से ध्वस्त हो गई.

कंपनी प्रशासन के हाथों में चली गई और बाद में इसे भारतीय उद्योग मंडल द्वारा असफल करार दे दिया गया.

वर्ष 2000 में बच्चन ने ब्रिटिश टेलीविजन शो के खेल ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को भारत में अनुकूलन हेतु कदम बढाया. शीर्ष‍क कौन बनेगा करोड़पति जैसा कि इसने अधिकांशत: अन्य देशों में अपना कार्य किया था जहां इसे अपनाया गया था वहां इस कार्यक्रम को तत्काल और गहरी सफलता मिली जिसमें बच्चन के करिश्मे भी छोटे रूप में योगदान देते थे.

यह माना जाता है कि बच्चन ने इस कार्यक्रम के संचालन के लिए साप्ताहिक प्रकरण के लिए अत्यधिक 25 लाख रुपए लिए थे, जिसके कारण बच्चन और उनके परिवार को नैतिक और आर्थिक दोनों रूप से बल मिला.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात पर्यटन को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को हार्दिक धन्यवाद कहा था. मोदी ने अपने ब्लाग पर लिखा कि गुजरात भयानक गर्मी से झुलस रहा है. राज्य में तापमान अकल्पनीय ढंग से 48.5 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया है. मोदी ने लिखा है कि हमारे लिए बड़ी बात यह है कि अमिताभ बच्चन जी इसी तपिश में भी गुजरात पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां आ रहे हैं. मैं उनका स्वागत करता हूं.

अमिताभ बच्चन ने जब खुलासा किया है कि उनकी बहू और अभिनेत्री ऐश्वर्य राय बच्चन मां बनने वाली हैं तो उनके प्रशंसकों और चाहनेवालों का काफी खुशी हुई. ‘ट्विटर’ पर अमिताभ ने लिखा था कि मैं दादा बनने जा रहा हूं. ऐश्वर्य मां बनने जा रही हैं. मैं बहुत खुश और रोमांचित हूं.

ऐश्वर्य और अभिषेक की शादी वर्ष 2007 में हुई थी और उनकी शादी के बाद से ही ऐश्वर्य के मां बनने को लेकर अफवाहें खबरें बनने लगी थीं.

अमिताभ बच्चन के लिए उठ रही भारत रत्न की मांग का बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख ने भी समर्थन किया. शाहरुख खान ने कहा कि अमिताभ बच्चन को भारत रत्न मिलना ही चाहिए. उन्होंने कहा कि अमित जी का कद बेहद बड़ा हैं.

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन फिल्मकार प्रकाश झा को अक्सर ‘खतरों का खिलाड़ी’ कहते हैं.

हाल ही में प्रदर्शित हुई प्रकाश झा की फिल्‍म आरक्षण में अमिताभ बच्‍चन के किरदार को काफी सराहा गया. यह फिल्‍म रिलीज होने से पहले काफी विवादों में रही.

सहस्राब्दिक के महानायक कहे जाने वाले लीजेंड अभिनेता अमिताभ 70 साल के हो गए हैं. 11 अक्टूबर को इस सदी के महानायक का जन्मदिन होता है. पूरा बॉलीवुड अमिताभ के जन्मदिन के जश्न में शामिल हो रहा है.

अमिताभ का कहना है कि फिल्मकार प्रकाश झा केवल कैमरे के पीछे रहकर ‘एक्शन’ कहने में ही यकीन नहीं रखते हैं बल्कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अच्छे दृश्य लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. यही वजह है कि बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन उन्हें अक्सर ‘खतरों का खिलाड़ी’ कहते हैं.

अमिताभ बच्चन ने जब खुलासा किया है कि उनकी बहू और अभिनेत्री ऐश्वर्य राय बच्चन मां बनने वाली हैं तो उनके प्रशंसकों और चाहनेवालों का काफी खुशी हुई.

ऐश्वर्य और अभिषेक की शादी वर्ष 2007 में हुई थी और उनकी शादी के बाद से ही ऐश्वर्य के मां बनने को लेकर अफवाहें खबरें बनने लगी थीं.

आमिर खान का कहना है कि मुझे लगता है कि हर फिल्म को दर्शकों के बीच कुछ न कुछ जगह मिलती है. मैं अमिताभ बच्चन का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मैं यह नहीं समझता कि उस स्तर पर हूं जहां वह हैं.

आमिर का कहना है कि अमिताभ जी से मुकालबे की बात तो दूर-दूर तक जेहन में नहीं आती. दरअसल मुझे तो लगता है कि मैं उनसे मुकालबा करने के लायक ही नहीं हूं.

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ संजय दत्त ने काफी फिल्मों में काम किया है. इन दिनों संजय दत्त ने अपना स्वयं का बैनर स्थापित किया है जिसके तहत बनी पहली फिल्म ‘रास्कल’ दशहरे के अवसर पर प्रदर्शित होने जा रही है. इस फिल्म के निर्देशक डेविड धवन है.

बॉलीवुड के सफल निर्देशक करन जौहर की शाहरुख खान से दोस्‍ती इतनी मजबूत है कि वो उनके आगे किसी को नहीं समझते. उनका मानना है कि वैश्विक पटल पर बॉलीवुड की छवि को प्रस्‍तुत करने में शाहरुख खान अमिताभ बच्‍चन से आगे हैं. करन ने यह बात एक साक्षात्‍कार में कही.

ऐसा कहा गया है कि बच्चन ने कुछ पत्रिकाओं को प्रतिबंधित कर रखा था क्योंकि उनके बारे में इनमें जो कुछ प्रकाशित होता रहता था उसे वे पसंद नहीं करते थे और इसी के चलते एक बार उन्हें इसका अनुपालन करने के लिए अपने विशेषाधिकार का भी प्रयोग करना पड़ा.

अप्रैल 1999 में मुबंई उच्च न्यायालय ने बच्चन को अपने मुंबई में स्थित आवास ‘प्रतीक्षा’ और दो फ्लेटों को बेचने पर तब तक रोक लगा दी जब तक कैनरा बैंक की राशि के लौटाए जाने वाले मुकदमे का फैसला न हो जाए. बच्चन ने हालांकि दलील दी कि उन्होंने अपना बंग्ला सहारा इंडिया फाइनेंस के पास अपनी कंपनी के लिए कोष बढाने के लिए गिरवी रख दिया है.

एबीसीएल बंगलौर में आयोजित 1996 की मिस वर्ल्ड सौंदर्य प्रतियोगिता का प्रमुख प्रायोजक था और इसके खराब प्रबंधन के कारण इसे करोड़ों रूपए का नुकसान उठाना पड़ा था.

मन्नत मांगने अमिताभ बच्‍चन अजमेर पहुंचे. यहां आकर उन्होंने ख्वाजा के दर पर हाजिरी लगाई और मन्नत का धागा बांधा. दरगाह के खादिमों का कहना है कि अमिताभ बच्चन ने यहां आकर अपने घर आने वाले नन्हे मेहमान के लिए दुआ मांगी है. बिग बी 40 साल के बाद अजमेर शरीफ पहुंचे.

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