राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पटना पुलिस की ओर से रणनीति तैयार की जा रही है. खासकर गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों के लिए. इस रणनीति को खुद सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार तैयार कर रहे हैं. डीआईजी अब खुद गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों से मिलेंगे. उनसे बातें करेंगे. सुरक्षा के लिहाज से लड़कियों को हो रही परेशानियों के बारे में जानेंगे. गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों में खुद डीआईजी जाएंगे, वहां करीब आंधे घंटे तक रूकेंगे. सुरक्षा को लेकर जो भी कंप्लेन मिलेंगी, उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी.

सेंट्रल रेंज के डीआईजी जल्द ही अपने इस नई पहल को धरातल पर उतारने जा रहे हैं. इसे लेकर कवायद भी शुरू कर दी गई है. डीआईजी की मानें तो हफ्ते में एक दिन वो एक गर्ल्स कॉलेज या फिर स्कूल में जाएंगे. वहां प़ढ़ने वाली लड़कियों और पढ़ाने वाली महिला प्रोफेसर व टीचर से सीधे मुखाबित होंगे.

मगध महिला कॉलेज से होगी शुरूआत

अपने इस नए पहल की शुरूआत पटना के डीआईजी राजधानी के ही मगध महिला कॉलेज से करेंगे. डीएसपी टाउन को इसके लिए निर्देश भी दे दिए गए हैं. मंगलवार को मगध महिला कॉलेज की लड़कियों और टीचर्स से वो मिलेंगे. लड़कियों को अपनी बात बताने में कोई परेशानी न हो, इसलिए मौके पर महिला थाना की थानेदार को भी बुलाया जाएगा. ताकि लड़कियां फ्री होकर छेड़खानी करने वालों, रास्ते में गंदी फब्तियां कसने वालों और लफंगों की करतूतों के बारे में खुल कर अपनी बातों को रख सकें.

डीआईजी के अनुसार मगध महिला कॉलेज के बाद वो वीमेंस कॉलेज, जेडी वीमेंस कॉलेज, अरविंद महिला कॉलेज, नोट्रेडर्म स्कूल और बांकीपुर गर्ल्स हाई स्कूल सहित कई दूसरे स्कूलों में जाएंगे. उनके अलावे किसी कॉलेज में एसएसपी मनु महाराज और तीनों सिटी एसपी भी जाएंगे. इस दौरान लोकल थानों के थानेदार को भी मौजूद रहना होगा.

बनेगा बूथ, रहेंगी महिला सिपाही

कई बार ऐसा होता है कि गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियां परेशानियों से जुझती रहती हैं. बावजूद इसके वो डर के कारण किसी को कुछ बता नहीं पाती हैं. पुलिस अब लड़कियों के इस तरह की परेशानियों से निपटेगी. दरअसल, सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार की रणनीति है गर्ल्स कॉलेजों और स्कूलों में एक पुलिस बूथ बनाने की. वहां 4 महिला सिपाहियों की तैनाती की जाएगी. साथ ही लोकल थाने के एक पुलिस पदाधिकारी को उस कॉलेज की जिम्मेवारी भी दी जाएगी.

सुरक्षा को लेकर जो भी परेशानियां लड़कियों को होगी, वो सीधे महिला सिपाहियों से कह सकेंगी. महिला सिपाही उस बात की जानकारी लोकल थाने के उस पुलिस पदाधिकारी को देगी, जिसकी जिम्मेवारी डीआईजी के तरफ से तय कर दी जाएगी. उसके बाद पुलिस पदाधिकारी को कार्रवाई करनी होगी. बड़ी बात ये है कि परेशानियों का समाधान न होने पर लड़कियां व महिलाएं सीधे डीआईजी से उनके मोबाइल पर कॉल कर या फिर उनसे मिलकर भी अपनी बातों को रख सकती हैं.

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