पटना: अगर आप सोचते हैं कि दुनिया के सारे देश अमेरिका से डरते हैं तो आप गलत हैं…दुनिया के सारे देश अमेरिका नहीं बल्कि इजरायल से डरते हैं। इजरायल से पंगे लेने की हिम्मत रूस और अमेरिका तक नहीं करते क्योंकि इजरायल का इतिहास बड़ा ही दमदार है।

इजरायल यूं ही दुनिया का सबसे खतरनाक देश नहीं बन गया है। वहां लोगों के लिए एक समान नियम हैं फिर चाहे वो राष्ट्रपति हो या प्रधानमंत्री। इजरायल में हर शख्स का बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ाया जाता है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसका सेना में नौकरी करना जरूरी होता है। करीब 3 साल की नौकरी के बाद वो अपनी जिंदगी जीने के लिए आजाद होता है। इजरायल ने अबसे 50 साल पहले ही अपनी एयरफोर्स को इतना मजबूत कर लिया था कि उसने एक साथ 8 देशों से सिर्फ 6 दिन में ही जंग जीत ली थी।

दरअसल, 27 मई को इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्दुल नासिर ने घोषणा की थी कि अब अरब के लोग इजरायल का विनाश करना चाहते हैं। मई, 1967 के अंत में इजिप्ट और जॉर्डन के बीच एक समझौता हुआ था कि अगर एक मुल्क पर हमला हुआ, तो दूसरा मुल्क उसका साथ देगा। युद्ध तो इजरायल-इजिप्ट सीमा पर ही शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही ये कई और अरब मुल्कों तक फैल गया।

इजरायल और इजिप्ट के बीच लड़े गए इस युद्ध में इजरायल के खिलाफ जॉर्डन, इजिप्ट, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, सूडान और अल्जीरिया जैसे देश थे। इस युद्ध को ‘जून वॉर’ के नाम भी जाना जाता है। जंग शुरू होने से पहले ही 5 जून को इजरायली एयरफोर्स ने इजिप्ट के तकरीबन 400 फाइटर जेट्स जमीन पर ही उड़ा दिए थे। इससे बाकी देश घबरा गए थे। इसके बाद इजरायल ने अन्य देशों पर भी ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए थे और इस तरह जंग सिर्फ 6 दिन में ही खत्म हो गई थी।

इजरायल का मानना था कि अगर उसे जीतना है तो जंग से पहले ही हमला करना होगा। इसी मकसद से इजरायल ने इजिप्ट सेना के लड़ाकू विमानों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इजरायली हमले के फौरन बाद इजरायल की सीमा पर अरब मुल्कों की फौजों का जमावड़ा शुरू हो गया था। हालांकि, इसके बावजूद छह दिन चले इस युद्ध में जीत इजरायल की हुई और गाजा पट्टी उसके कब्जे में आ गई।

Source: Live  News

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