पटना: 11 अगस्त 2018 को फिर से एक बार सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह साल का तीसरा और आखिरी सूर्यग्रहण होगा। यह ग्रहण सावन महीने में शनिवार के दिन अमावस्या को होगा। अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में लगने वाला यह ग्रहण खंड सूर्य ग्रहण होगा।

इस सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव कर्क, मिथुन और सिंह राशि पर होगा। जबकि इस ग्रहण के शुभ प्रभाव की बात करें तो मेष, मकर, तुला और कुंभ राशि पर शुभ प्रभाव होगा। इस बात को लेकर ज्यादातर गर्भवती महिलाएं या परिवार के लोग परेशान होंगे कि इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव उन पर किस तरह पड़ेगा। तो बता दें कि भारत में यह सूर्य ग्रहण बिल्कुल भी नहीं दिखाई देगा। भारत में इसका कोई भी प्रभाव नहीं होगा। यह ग्रहण विशेष रूप से उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, ब्रिटेन, रूस, कजाकिस्तान समेत चीन के अधिकतम भागों में देखा जा सकता है।

ग्रहण जहां नहीं दिखाई देता है वहां इसका कोई प्रभाव नहीं होता है। साथ ही सूतक काल और पर्व काल मानने की भी आवश्यकता नहीं होती है। यदि गर्भवती महिलाएं भारत में निवासरत हैं तो उन्हें इस ग्रहण से जुड़े किसी भी नियम के पालन करने की आवश्यकता नहीं है। जिन देशों में इस ग्रहण का असर दिख रहा है वहां पर गर्भवती महिलाओं को नियम पालन की आवश्यकता रहेगी।

सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले प्रारंभ हो जाएगा जबकि चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व लगता है। भारतीय मानक समय के अनुसार दिन में दोपहर 1:00 बज कर 32 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू होगा। इसका मध्य काल 3:00 बज कर 16 मिनट पर होगा और यह शाम को 5:00 बज कर 1:00 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।

इन बातों का रखें ख्याल
– ग्रहण से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने पेट के ऊपर गोबर या गेरू लगाना चाहिए, इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं होता है।
– इस दौरान गर्भवती महिलाओं को तुलसी का पत्ता या कुशा अपने साथ रखें।
– लाल चंदन, हल्दी, केसर को लगाने से ग्रहण का गर्भवती महिलाओं के ऊपर कोई प्रभाव नहीं होता है.
– इस काल में महिलाओं को बाहर खुले मैदान में भी नहीं निकलना चाहिए।
– इस काल में गर्भवती महिलाओं को यात्रा नहीं करना चाहिए।

ग्रहण काल से जुड़ी जानकारियां
– ग्रहण लगते समय व्यक्ति को स्नान करना चाहिए।
– सूतक लगने पर मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं।
– सूतक काल के दौरान मंदिर में प्रवेश करना, भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना, यात्रा पर जाना, भोजन करना आदि कार्य वर्जित रहते हैं।
– ग्रहण के बाद ताजा भोजन या पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।

– ग्रहण की अवधि में दान, श्राद्ध, मंत्र, जप, सिद्धि आदि करना चाहिए, इससे शुभ परिणाम मिलते हैं।

Source: Patrika News

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