कहीं ट्रेडिशनल तो कहीं बोल्ड है साड़ी पहनने का तरीका।
गुजरात का नाम लेने पर अधिकतर लोगों के दिमाग में सबसे पहले ढोकला ही आता है। उसी तरह बंगाल का नाम लेने पर रसगुल्ला और बिहार का नाम लेने पर लिट्टी चोखा की याद आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं सिर्फ खान-पान ही नहीं बल्कि साड़ी पहनने के अनोखे तरीके भी अलग-अलग राज्यों की पहचान हैं। कहीं तो साड़ी बहुत ही ट्रेडिशनल तरीके से पहनी जाती है तो कहीं साड़ी पहनने का तरीका काफी बोल्ड है।

अगर आप भी साड़ी पहनने का शौक रखती हैं तो फिर यह स्टोरी आपको बहुत पसंद आएगी। तो चलिए आपको करवाते हैं भारत की सैर और बताते हैं कौन-से राज्य में किस तरह पहनी जाती है साड़ी।

बंगाल में बहुत ही ट्रेडिशनल तरीके से साड़ी पहनी जाती है। इसमें सामने की ओर बड़ी-बड़ी पटलियां लगाई जाती हैं और साड़ी के दोनों पल्लू आगे की ओर रखे जाते हैं। साथ ही यहां साड़ी के दाएं पल्लू में चाबियों का गुच्छा या छल्ला लटकाने की परंपरा भी है।

आंध्रप्रदेश में साड़ी को उल्टे हाथ से सीधे हाथ की तरफ पहना जाता है। इस तरह साड़ी पहनने पर शाही लुक नज़र आता है। भारत के कई हिस्सों में आज-कल जिस तरह से साड़ी पहनी जाती है, वो इसी ट्रेडिशनल पहनावे का मॉर्डन तरीका है।

महाराष्ट्र की ट्रेडिशनल साड़ी नौ यार्ड की होती है। ये पहनने में तो काफी मुश्किल होती है, लेकिन इसे संभालना बेहद आसान होता है। यहां साड़ी कुछ इस तरह पहनी जाती है कि नीचे से ये धोती की तरह नज़र आती है, वहीं ऊपर से यह नॉर्मल साड़ी की तरह ही दिखाई देती है।

असम के ट्रेडिशनल तरीके से पहनी गई साड़ी बहुत ही सुंदर दिखती है। इसमें नीचे की तरफ पटलियां लगाई जाती हैं और बची हुई साड़ी को कमर के चारों ओर त्रिकोण की तरह घुमा दिया जाता है।

गुजराती स्टाइल में साड़ी को पीछे से आगे की ओर लाया जाता है, जिसे आम भाषा में सीधा पल्लू कहते हैं। गुजरात में साड़ी को कुछ इस तरह पहना जाता है कि उसका लुक लहंगे की तरह दिखाई देता है। इस तरह साड़ी पहनने पर ज्यादा वर्क वाली या भारी साड़ी का बोझ कंधे को नहीं उठाना पड़ता।

राजस्थान में साड़ी पहनने का स्टाइल काफी हद तक गुजरात से मिलता-जुलता है। सिर्फ पल्ला जमाने के तरीके में अंतर होता है। जहां गुजराती स्टाइल में पल्ले को खुला छोड़ दिया जाता है, वहीं राजस्थान में इसे ब्लाउज के पीछे पिन लगाकर फिक्स कर दिया जाता है। जिसकी वजह से उनका लुक दूसरों से काफी अलग नजर आता है

कर्नाटक की ट्रेडिशनल साड़ी 8 यार्ड की होती है। इसे दो तरीकों से पहना जाता है। एक तरीका जिसमें इसे नीचे धोती की तरह पहना जाता है और दूसरा तरीका जिसमें शरीर के ऊपरी भाग को कवर करने के लिए इसे नीचे से ऊपर की ओर लाया जाता है।

गोवा में साड़ी पहनने का तरीका कुछ ऐसा है कि यह नीचे से धोती और ऊपर साड़ी की तरह लुक देती है। साथ ही गोवा के ट्रेडिशनल तरीके से साड़ी पहनने पर उसे नीचे से थोड़ा उठा कर रखा जाता है।

झारखंड में साड़ी पहनते समय सामने की ओर बॉक्स की तरह बड़ी-बड़ी पटलियां लगाई जाती हैं। पल्लू को पीछे से आगे की ओर लाया जाता है और फिर कमर की चारों ओर लपेट लिया जाता है

केरल में साड़ी पहनने का तरीका बहुत ही मुश्किल है। यहां साड़ी कुछ इस तरह पहनी जाती है कि इसकी पटलियां बीच में न लगाते हुए कमर के कोने पर लगाई जाती है। इसमें पटलियों को अंदर से बाहर की ओर लाया जाता है। यहां पर मुख्य रूप से रेशमी साड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।

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