दुनिया की सबसे दुर्गम गुफा में फंसे जूनियर फुटबाल टीम के बच्चे और उनके कोच सहित 13 लोगों को निकालना इतना आसान नहीं था। लेकिन, भारत सरकार के अहम योगदान के चलते यह ऑपरेशन पूरा हो पाया।
इसलिए थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने भारत का खास तौर पर शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हम भारतीयों के प्रति आभारी हैं। दरअसल, थामलुआम गुफा में फंसे बच्चों और उनके 25 वर्षीय कोच इकापोल चानथ्वांग को निकालने के लिए थाईलैंड सरकार ने भारत सरकार से भी समर्थन मांगा था। इसके बाद भारत से हैवी केबीएस फ्लडपंप भेजा गया, जिससे गुफा में पानी का स्तर कम किया गया।

रविवार से ही इसका असर दिखाई दिया और पहली खेप में चार बच्चे गुफा से बाहर निकाल लिए गए। गोताखोर जूनियर फुटबाल के खिलाड़ियों सहित कोच को गुफा से बाहर निकालने में सफल हुए। भारत सरकार के आदेश पर केबीएस का हैवी फ्लडपंप महाराष्ट्र के सांगली जिला स्थित किर्लोस्कर समूह की कंपनी से भेजा गया था। किर्लोस्कर कंपनी के डिजाइनर हेड प्रसाद कुलकर्णी बीते शुक्रवार की रात को हैवी फ्लडपंप लेकर थाईलैंड रवाना हुए थे।

प्रसाद कुलकर्णी के भाई किशोर कुलकर्णी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि गुफा में भरे हुए पानी को निकालने के लिए हैवी पंप की जरूरत थी। भारत सरकार की तरफ से यह आदेश दिया गया था कि बड़ा से बड़ा पंप लेकर पंप तकनीकी विशेषज्ञ को थाईलैंड भेजा जाए।

उसके बाद किर्लोस्कर प्रबंधन ने प्रसाद कुलकर्णी को हैवी फ्लडपंप लेकर शुक्रवार को विशेष विमान से थाईलैंड भेजा। इस हैवी फ्लडपंप के जरिए गुफा से पानी निकालने का काम शुरू किया गया। जिससे रविवार से बच्चों को निकालने में गोताखोरों और बचाव दल को मदद मिली और सफल ऑपरेशन शुरू हो सका।

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