पटना: एक बिहारी सौ पर भारी…यह कहावत एक बार फिर से चिरतार्थ हुआ है। उत्तरप्रदेश और गुजरात सरकार द्वारा बिहारी आइपीएस पर भरोसा जताने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी बिहारी अधिकारी पर अपना भरोसा जताया है। जानकारी अनुसार बिहार के निवासी सुबोध जायसवाद को मुम्बई का नया डीजीपी बनाया गया है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की पुलिस को आज अपना नया बॉस मिल गया। 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी सुबोध जायसवाल मुंबई पुलिस के नए कमिश्नर होंगे। सुबोध जायसवाल मौजूदा पुलिस कमिश्नर दत्ता पडसलगीकर की जगह लेंगे। दत्ता पडसलगीकर का प्रमोशन महाराष्ट्र के डीजीपी पद पर हो गया है। सुबोध जायसवाल ने चार्ज संभाल लिया है।

जायसवाल पहले भी मुंबई में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके साथ ही उन्हें रिसर्च एंड एनालिसिस विंग में काम करने का भी अनुभव है। जायसवाल तेलगी स्टांप घोटाले और मालेगांव ब्लास्ट मामलों की जांच से भी जुड़े रहे हैं। सुबोध जायसवाल मुंबई के 41 वें पुलिस कमिश्नर होंगे।

राज्य सरकार ने हाल ही में पत्र लिखकर जायसवाल से पूछा था कि क्या वह महाराष्ट्र वापस आना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र आने के लिए हां कर दी। नए पुलिस कमिश्नर का पद ग्रहण करने के बाद जायसवाल ने कहा कि वह गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को धन्यवाद दिया कि सरकार ने उन्हें ये जिम्मेदारी दी है और कई अफसरों में से उन्हें चुना है। जायसवाल ने कहा कि उन्होंने पूर्व में अपने काम के लिए कुछ मानक निर्धारित किए थे। उन्होंने कहा कि वह उन मानकों को बनाए रखेंगे।

आईपीएस अधिकारी जयसवाल (55) 1985 बैच के हैं। वह केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर थे और कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव थे। उन्होंने रिसर्च एडं एनालिसिस विंग (रॉ) में भी सेवाएं दी हैं। राज्य सरकार ने हाल में जयसवाल को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या वह महाराष्ट्र वापस आना चाहते हैं।

जायसवाल मुंबई पुलिस में पहले सेवा दे चुके हैं। वह एटीएस में डीआईजी भी रहे चुके हैं और उन्होंने सितंबर 2006 में मालेगांव में हुए विस्फोट मामले में जांच भी की है। जब जायसवाल से पूछा गया कि मुंबई में उनकी क्या प्राथमिकताएं होंगी तो उन्होंने कहा कि मुंबई में काम करने की चुनौतियां वही रहेंगी, केवल परिस्थितियों में ही बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि जो भी चुनौतियां आएंगी उनकी टीम उन्हें स्वीकार करेगी। साल 1962 में जन्मे जायसवाल 2022 में रिटायर होंगे। यदि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के आधार पर पडसलगीकर दो साल तक डीजीपी के पद पर आसीन रहे तो जायसवाल दो साल तक शहर में अपनी सेवाएं देंगे।

Source: Live Bihar

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