विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी धाम में इस वक्त रथयात्रा की तैयारियां तेजी से चल रही है, इस भव्य यात्रा के आयोजन के लिए मंदिर व पूजा कमेटी द्वारा रथ पूजा की तैयारी को लेकर बैठकों का दौर जारी है। लेकिन इस यात्रा से पहले आपको ये बता दें कि भगवान जगन्नाथ स्वामी केवल दो दिन और भक्तों को दर्शन देंगे क्योंकि 28 जून को दिन के एक बजे वो एकांतवास में चले जाएंगे। हर साल रथयात्रा से पहले प्रभु एकांतवास में चले जाते हैं, इस बार रथयात्रा 14 जुलाई को है।

एकांतवास में जाएंगे भगवान जगन्नाथ स्वामी एकांतवास में जाने से पहले हर बार की तरह इस बार भी मंदिर में विशेष अनुष्ठान होगा, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री स्वामी को 108 छोटे कलश में रखे वनौषधि और सुगंधित जल से स्नान कराया जाएगा और शृंगार होगा।

3 जुलाई को भगवान नेत्र दान करेंगे इसके बाद धार्मिक भोज होगा और फिर भगवान एकांतवास में चले जाएंगे, जहां से वो 13 जुलाई को बाहर आएंगे और नेत्र दान करेंगे और इसके बाद 14 जुलाई को वो रथयात्रा में भाग लेंगे।


10 दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन गौरतलब है कि जग प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा अवसर पर 10 दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुगण भाग लेते हैं। जगन्नाथ रथ उत्सव आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया से आरंभ करके शुक्ल एकादशी तक मनाया जाता है। इस दौरान रथ को अपने हाथों से खींचना बेहद शुभ माना जाता है।


चार धाम में से एक जगन्नाथ धाम पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर को हिन्दुओं के चार धाम में से एक गिना जाता है। यह वैष्णव सम्प्रदाय का मंदिर है, जो भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है।

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