नए राज्य बनने के अठारह साल बाद आखिरकार उत्तराखंड की टीम भारत के सबसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी खेलते दिखेगी. बीसीसीआई ने अगले सीजन में राज्य के घरेलू क्रिकेट में डेब्यू पर नजर रखने के लिये नौ सदस्यीय ‘सामंजस्य समिति’ के गठन का फैसला किया है.

उत्तराखंड के साथ ही बिहार और पूर्वोत्तर की टीम को भी अगले सीजन से रणजी ट्रॉफी खेलने का रास्ता साफ हो गया है. इन टीमों के आने के साथ रणजी ट्राफी में टीमों की संख्या अब 36 तक हो सकती है.

सोमवार को हुई एक बैठक के बाद प्रशासकों की समिति के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि उत्तराखंड रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने के लिए तैयार है.

नौ सदस्यीय सामंजस्य समिति में राज्य के विभिन्न क्रिकेट संघों के छह सदस्य और उत्तराखंड सरकार का एक नामित सदस्य होगा. इसके अलावा हाल ही में रिटायर हुए प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी समेत बीसीसीआई के दो प्रतिनिधि भी इसके सदस्य होंगे.

 

राय ने कहा ,‘‘उत्तराखंड के सभी विरोधी संघों ने आपसी मतभेद भुला दिए हैं ताकि रणजी ट्रॉफी में राज्य की टीम की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. एक समिति का गठन किया गया है जिसमें बीसीसीआई का प्रतिनिधि भी होगा. यह अगले सप्ताह से काम करेगी.’’

बैठक में सीओए सदस्य डायना एडुल्जी और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जोहरी भी मौजूद थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here