बेतिया राज की जमीन का सर्वे तीन माह में किया जाएगा। राजस्व पर्षद की मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश के भी अधिकारी मौजूद थे। संबंधित जिलाधिकारियों को बेतिया राज की जमीन को तत्काल अतिक्रमण से मुक्त कराने के निर्देश भी जारी किए गए। कुल जमीन 14,291 एकड़ है जो बिहार के छह और उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में है।

सबसे अधिक 9,533 एकड़ जमीन पश्चिम चंपारण में है जबकि पूर्वी चंपारण में 4,633 एकड़ जमीन है। गोपालगंज में 35.58 एकड़, पटना में 4.02 एकड़, सिवान में 7.29 एकड़ और छपरा में 4.0 एकड़ भूमि है। सर्वे के बाद यह जमीन किसानों के बीच बांटी जाएगी। सर्वे में 1897 की स्थिति के अनुसार बेतिया राज की जिलावार परिसम्पत्तियों का आकलन किया जाएगा।

 

बिहार एवं उत्तर प्रदेश की विभिन्न अदालतों में लंबित वादों की भी बैठक में समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व पर्षद के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर बेतिया राज की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश दिया।

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