पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने एक निजी चैनल को इंटरव्यू के दौरान कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं। यही नहीं उन्होंने कहा कि 2008 में हुए मुंबई हमले में भी पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ था। उन्होंने यह खुलासा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से हटने के ठीक 9 महीने बाद किया है। 10 साल बाद हुए इस खुलासे ने एक बार फिर पाकिस्तान पर सवाल खड़े कर दिये हैं। बता दें कि पाकिस्तान इस बात से हमेशा इनकार करता रहा है कि 2008 के मुंबई हमलों में पाकिस्तान का हाथ था।

भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे नवाज शरीफ ने 10 साल बाद यह स्वीकर किया है कि 2008 में मुंबई हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। गौरतलब है कि इस हमले में 164 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के अखबार डॉन को दिए इंटरव्यू में कहा कि पाक में अभी भी आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि क्या हम उन्हें सीमा पार कर मुंबई में घुसकर 150 लोगों को मारने का आदेश दे सकते हैं?क्या कोई मुझे इस बात का जवाब देगा?

उन्होंने कहा कि अगर आप कोई देश चला रहे हैं तो उसी के साथ में दो या तीन समानांतर सरकारें नहीं चला सकते। इसे बंद करना होगा। आप संवैधानिक रूप से केवल एक ही सरकार चला सकते हैं।

शरीफ ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे अपने ही लोगों ने पाकिस्तान की सत्ता से बाहर कर दिया। कुर्बानियों के बावजूद हमारी बात कोई स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की बात को स्वीकार कर लिया गया लेकिन हमारी नहीं। उन्होंने इस दौरान परवेज मुशर्रफ पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में संविधान सबसे ऊपर है। हमने तानाशाह परवेज मुशर्रफ पर केस किया जो यह पहली बार था इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।

बता दें कि पनामा पेपर लीक मामले में नवाज का नाम आने के बाद उन्हें दोषी पाया गया था। उन्हें पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।

10 साल पहले इस मंजर से गुजरा था मुंबई, चार दिन तक चला था ऑपरेशन

मुंबई पर 26 नवंबर 2008 (26/11) को हुए आतंकी हमले को 10 साल पूरे हो चुके हैं। उस हमले ने भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों को सकते में डाल दिया था।

हमले के बाद चलाया गया ऑपरेशन चार दिन बाद खत्म हुआ था, इसमें 164 लोगों ने जान गंवाई, वहीं 305 लोग जख्मी हो गए थे। यह हमला मुख्य तौर पर ताज होटल पर किया गया था, पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को भी निशाना बनाया गया था। पाकिस्तान में रह रहा हाफिज सईद इस हमले का मास्टरमाइंड था।

बता दें कि भारत लंबे समय से यह कहता आ रहा है कि मुंबई के 2008 आतंकी हमले में हाफिज सईद का हाथ है और इस संदर्भ में पाकिस्तान को पुख्ता सबूत भी मुहैया कराए गए थे लेकिन पाकिस्तान ने भारत का सपोर्ट करने की बजाय हाफिज को सुरक्षा मुहैया कराई।

मुंबई हमला मामले में लश्कर-ए-ताइबा के 7 आतंकियों जकीउर रहमान लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम के खिलाफ 2009 से ही हत्या के लिए उकसाने, हत्या की कोशिश, मुंबई हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का मुकदमा चल रहा है। लश्कर सरगना लखवी को छोड़कर बाकी सभी छह आतंकी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।

जमानत पर बाहर है मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड लखवी, जुटा रहा है फंड

मुंबई के 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) कमांडर का मुख्य नेता जकी-उर रहमान लखवी 2015 में लाहौर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के तीन साल बाद बाहर है। वह पंजाब प्रांत में आतंकी गतिविधियों के लिए कथित तौर पर गेहूं किसानों से चंदा इकट्ठा कर रहा है। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार भारत में मोस्ट वांटेड आतंकी लखवी अप्रैल 2015 में रावलपिंडी की अदियाला जेल से बाहर आने के बाद लोगों की नजरों से बचकर आतंकी संगठन की कमान संभाले हुए है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की रिकॉर्डिंग से खुली थी पाक की कलई

मालूम हो कि अमेरिकी एजेंसियों ने वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक के जरिये करांची के कंट्रोल रूम से इन आतंकियों को निर्देश दिए जाने संबंधी बातचीत रिकॉर्ड कर लिया था।

कसाब का इकबालिया बयान और अमेरिकी एजेंसियों की रिकार्डिंग लश्कर आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ ठोस सबूत तो बने, लेकिन 10 साल बीत जाने पर भी पाकिस्तान ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

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