बिहार में इस साल 8 नए अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय और 5 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) खुलेंगे। पटना, सीवान, पूर्वी चंपारण, अररिया, मुंगेर, बक्सर, औरंगाबाद और पूर्णिया में अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय खुलेंगे। यहां दो वर्षीय बीएड (बैंचलर ऑफ एजुकेशन) कोर्स की पढ़ाई होगी। जहानाबाद, अरवल, सुपौल, जमुई व सहरसा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खुलेगा। यहां प्राथमिक शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण होगा।

वर्तमान में राज्य में 33 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हैं। नए डायट खुलने के बाद इसकी संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी। आठ नए अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय खुलने के बाद इसकी संख्या 14 हो जाएगी। अभी राज्य में 6 अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय हैं। सरकारी शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों की संख्या कम रहने के कारण यहां छात्रों को प्रशिक्षण के लिए निजी बीएड कॉलेज और प्राइमरी शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों का सहारा लेना पड़ता है। निजी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में कोर्स फीस कई गुना अधिक ली जाती है, जबकि सरकारी बीएड और प्राथमिक शिक्षक के लिए प्रशिक्षण में काफी कम राशि खर्च होती है। राज्य में 23 प्राथमिक शिक्षा महाविद्यालय, 4 प्रखंड शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, 6 अध्यापक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान और 33 डायट सहित कुल 66 प्रशिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय पूर्ण सेवाकालीन प्रशिक्षण संचालित है। 2015 में एनसीटीई से मान्यता के बाद सभी अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय में दो वर्षीय बीएड कोर्स चल रहे हैं।

प्रशिक्षण संस्थानों में रिक्त हैं व्याख्याता के 1066 पद
प्रशिक्षण संस्थानों में व्याख्याता के 1066 पद रिक्त हैं। इन पदों पर बहाली पर बीपीएससी के माध्यम से बहाली होनी है। शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों में व्याख्याताओं की कमी दूर करने के लिए एससीईआरटी ने 600 गेस्ट फैकल्टी के लिए हाईस्कूलों के शिक्षकों से आवेदन मांगा था, जो एमएड उत्तीर्ण हैं। पैनल में शामिल शिक्षकों को उनके जिले में ही शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में सप्ताह में अधिकतम दो दिन क्लास लेने का मौका मिलेगा। प्रति कक्षा 500 और अधिकतम 1000 रुपए दिया जाना है।

31 हजार से अधिक अप्रशिक्षित शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से राज्य के 31731 अप्रशिक्षित शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले चरण में 9573 व दूसरे में 19302 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। तीसरे चरण में 2290 और चौथे में 548 अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

डीईएलईडी में 6600 शिक्षक नामांकित
विश्व बैंक संपोषित योजना से अप्रशिक्षित शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसमें 66 अध्यापक शिक्षा संस्थानों पर संपर्क कक्षाओं का आयोजन कर दो चरणों में 6600-6600 नामांकित हैं। इनके लिए स्व: अध्ययन सामग्री और अध्ययन केंद्र की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम के लिए माॅड्यूल विकसित किया गया है। इनमें विद्यालय तत्परता, कला समेकित अधिगम, विद्यालय में खेल, अंग्रेजी और विज्ञान विषय का शिक्षण शामिल है।

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