सिख धर्म के दसवें गुरू श्री गुरू गाविन्द सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व के शुकराना समारोह के दौरान शुक्रवार को कलासंस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में आयोजित भव्‍य सांस्कृतिक कार्यक्रम का विधिवत उद्धाटन मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। वे सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के प्रथम दर्शक भी थे। इस दौरान विशिष्‍ट अतिथि के तौर पर उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, विधायक संजीव चौरसिया, पूनम देवी, बीमा भारती मौजूद रहीं। वहीं, कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग के मंत्री कृष्‍ण कुमार ऋषि ने कार्यक्रम की अध्‍यक्षता की।

उन्‍होंने अपने अध्‍यक्षीय भाषण में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत तमाम आगत अतिथियों का अभिवादन किया और कहा कि बिहार की गौरवशाली धरती एक बार फिर गुरूगोविंद सिंह के 350वें प्रकाश वर्ष का शुकराना समारोह आयोजित कर गौरवांवित महसूस कर रही है। इसके लिए बिहार सरकार के अलावा कला संस्‍कृति एवं युवा विभाग द्वारा एक भव्‍य सांस्‍कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया है। पिछली बार पुरी दुनिया ने बिहार में हुए प्रकाशोत्‍सव के आयोजन को सराहा था, इस बार हम प्रकाश पर्व को शुकराना समारोह के रूप में मना रहे हैं।  इस बार भी सिख श्रद्धलुओं के लिए पटना सिटी में अतिथि देवो की परंपरा के निर्वहन राज्‍य सरकार बखूबी कर रही, साथ ही पटना में श्रीकृष्‍ण मेमोरियल हॉल और भारतीय नृत्‍यकला मंदिर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।  

कार्यक्रम की शुरूआत पद्मश्री शाहिद परवेज के सितार वादन से हुआ। इस दौरान तबले पर संगत मिथिलेश कुमार मिश्रा ने दिया। दूसरा कार्यक्रम मणिपुरी नाटक, संगीत नाटक अकादमी से सम्‍मानित श्रीमती प्रीति पटेल के नेतृत्‍व में हुआ, जिसमें कलाकारों ने मणिपुर का सुप्रसिद्ध मार्शल आर्ट थांगटा की भव्‍य प्रस्‍तुति दी। इसके अलावा अनंतशक्ति नृत्‍य की भी प्रस्‍तुति दी गई, जिसमें देवी उषा का आह्वान किया गया, जिन्‍होंने आदमी को बनाया। धरती पर जीवन का संचार करने वाली देवी के आह्वान के बाद कार्यक्रम का आगाज हुआ। इसके अलावा मुंबई से आई संजना राज ने लोकगीत की प्रस्‍तुति दी, जिसमें ‘अभिनंदन, कौने से बोले ला कोयलिया, पटना से अइयले सजनवां हो, धान कटनी के बहार अघनावा में, टिका गिरे झुनक के बालम, कबले अइले न सखिया, कब ले अइले ना की थी। और अंत में बेतिया घराने के (बिहार) पंडित इंदू किशोर मिश्र ने ध्रुपद गायन किया, जिसमें चंद्रकोशी, शंकर शिव… राग गाया। इसमें श्री मिश्र को पखावज पर मुरली मनोहर मिश्रा, हारमोनियम पर मदन प्रसाद, तानपुरा पर नेहा मिश्रा तथा सहयोगी गायक के रूप में दिपेंदू कुमार मिश्रा ने साथ दिया।  

कार्यक्रम में विभाग के प्रधान सचिव चैतन्‍य प्रसादजिलाधिकारी संजय अग्रवाल, अपर सचिव आनंद कुमारसंस्‍कृति निदेशक सत्‍यप्रकाश मिश्रा, और मीडिया प्रभारी रंजन सिन्‍हा आदि मौजूद थे। बता दें कि 23 – 24और 25 दिसंबर को विभिन्‍न राज्‍यों के लोक गायन एवं लोक नृत्‍यों का आयोजन फ्रेजर रोड स्थित भारतीय नृत्‍य कला मंदिर में उत्तर मध्‍य क्षेत्र सांस्‍‍कृतिक केंद्र इलाहाबाद द्वारा किया जायेगा । इसमें उत्तर प्रदेशछत्तीसगढ़गुजरातपंजाबदिल्‍ली सहित अन्‍य राज्‍यों के लोक गायन एवं लोक नृत्‍यों की रंगारंग प्रस्‍तुति होगी।कल कार्यक्रम की शुरूआत सत्‍येंद्र कुमार संगीत के लोकगीत से शुरू होगा। इसके बाद पंडित उदय मल्लिक एवं विदुषी अश्विनी धरगलकर (मुंबई) उप शास्‍त्रीय गायन करेंगी। कुमुद झा दीवान के सुगम संगीत के बाद पद्मश्री गुंडेचा ब्रदर्श (भोपाल) के ध्रुपद गायन के साथ दूसरे दिन के कार्यक्रम का समापन होगा।

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