बिहार सरकार ने उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए विभिन्न विषयों के लिए पारिश्रमिकी के आधार पर 4257 अतिथि शिक्षकों की सेवा लेने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद बताया कि अनुबंध के आधार पर शिक्षकों की बहाली सहित कुल 26 मामलों पर मंत्रिपरिषद ने मुहर लगा दी है। राज्य में माध्यमिक शिक्षा के तहत जिला परिषद् एवं विभिन्न नगर निकायों में स्थित राजकीय, राजकीयकृत और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों का नियोजन होने तक 4257 स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जाएगी। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, प्राणिशास्त्र एवं वनस्पतिशास्त्र विषय के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जाएगी। उन्होंने बताया कि इन शिक्षकों की सेवा के लिए पारिश्रमिकी निर्धारित की गई है। प्रधान सचिव ने बताया कि अंग्रेजी विषय के लिए 1041, गणित में 791, भौतिकी में 1074, रसायनशास्त्र में 974, प्राणिशास्त्र में 137 और वनस्पतिशास्त्र विषय के लिए 290 अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जाएगी। उन्होंने बताया कि सहायक प्राध्यापक पद की पारिश्रमिकी 1000 रुपये प्रति घंटी, व्याख्याता की 800 रुपये प्रति घंटी, अनुदेशक और प्रयोगशाला सहायक की चार-चार सौ रुपये प्रति घंटे निर्धारित की गई है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि इसके आधार पर सहायक प्राध्यापक को प्रतिमाह करीब 35000 रुपये, व्याख्याता को 30 हजार रुपये, अनुदेशक को 13000 रुपये और प्रयोगशाला सहायक को 14000 रुपये पारिश्रमिकी मिलेगी। उन्होंने बताया कि अतिथि शिक्षकों की बहाली से उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, प्राणिीशास्त्र एवं वनस्पतिशास्त्र विषयों की पढ़ाई बेहतर हो सकेगी।

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