नितीश कुमार की सरकार ने कल हुई कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए। उनमें से एक निर्णय है पटना से करीब सौ किलोमीटर दूर नालंदा जिले के विश्व प्रसिद्ध राजगीर के हसीन वादियों के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण करना। 600 करोड़ रूपये के लागत से राजगीर में स्टेडियम का निर्माण कराया जायेगा।

वर्तमान में बिहार में क्रिकेट की अवस्था ठीक नहीं है और स्टेडियम की बात करें तो वो पटना के राजेन्द्र नगर में स्थित मोइनुल हक स्टेडियम की बदहाल स्थिति को जगजाहिर है। हालाँकि कैबिनेट मीटिंग के पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि राजगीर में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण का फैसला तो ले लिया गया है लेकिन सरकार भूमि अधिग्रहण पर फैसला कब लेगी। अब कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण पर अपनी दे दी है।

बिहार से झारखण्ड के अलग होने के बाद राज्य का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय मैच वाला जमशेदपुर स्टेडियम भी बिहार से चला गया था। इसके बाद बिहार में कोई मैच नही हो पा रहा और यहां के बच्चों को भी खेलने के लिए दुसरे राज्यों का रुख करना पड़ा।बिहार क्रिकेट को मान्यता मिलने के बाद खिलाड़ियों में नया उत्साह जाएगा है। यह स्टेडियम का निर्माण जल्द हो जाता है तो खिलाड़ियों के हित का सिद्ध होगा। इसे देखते हुए खेल के प्रगति के लिए सरकार द्वारा बहुत ही बड़ा कदम उठाया गया है।

इस योजना पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्टेडिमय के निर्माण के लिए 99 एकड़ भूमि का अधिग्रहण की भी मंजूरी मिल गई है।

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