दो करोड़ का एस्केलेटर आठ दिन में ही खराब, मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्री परेशान

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अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा आमजन को चुकाना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला मुजफ्फरपुर जंक्शन पर देखने को मिला। जंक्शन के दक्षिणी द्वार के समीप दो करोड़ से अधिक से लगाया गया एस्केलेटर आठ दिन में ही खराब हो गया।

पिछले सोमवार को एस्केलेटर चालू हुआ था, आठ दिनों में ही खराब हो गया। उसी के बगल में लगी लिफ्ट भी पिछले तीन दिनों से खराब है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि एस्केलेटर बार-बार क्यों खराब हो रहा, इसकी जांच कराई जाएगी।

रेल मंत्रालय द्वारा पूर्व मध्य रेल के प्रस्ताव पर सोनपुर रेलमंडल के कई स्टेशनों को स्वचालित सीढ़ी दी गई थी। उस वक्त मुजफ्फरपुर के लिए इसका आवंटन हुआ। 2018 में कोलकाता में स्वचालित सीढ़ी की मशीनें खरीदने के लिए मुजफ्फरपुर के कुछ रेल अधिकारियों को कोलकाता भेजा गया था। यहां से गए रेल अधिकारी के कहने पर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लाया गया।

तीन साल बाद भी नहीं बन पाई दो किलोमीटर लंबी सड़क

एक ऐसा ही मामला खगड़िया में सामने आया, जिसमें लापरवाही का खामियाजा आमजन झेल रहे हैं। एक करोड़ 94 लाख की लागत से महिनाथ नगर-भोलादास बासा पथ का निर्माण करवाना था। सड़क निर्माण का कार्य एक साल में पूरा करना था लेकिन तीन साल बाद भी सड़क बन नहीं पाई। ऐसे में पिछले तीन साल से ग्रामीण बदहाल सड़क के कारण परेशान हैं। अधिकारियों को गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

महिनाथ नगर के मुखिया दिनेश यादव ने बताया कि संवेदक ने केवल मिट्टी भराने के बाद सड़क को उसी हाल में छोड़ दिया। मिट्टी भराई का भी कार्य सही से पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में बरसात के दिनों में स्थित और नारकीय हो जाती है। विभागीय पदाधिकारियों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सड़क नहीं बनने के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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