पटना हाईकोर्ट ने एनआईओएस के जरिए 18 महीने का डीएलएड कोर्स करने वाले 2.17 लाख अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के लिए चल रही शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में इन्हें भी शामिल करने का आदेश दिया है। ये अभ्यर्थी अगले 30 दिन तक फॉर्म भरेंगे।

मंगलवार को न्यायमूर्ति प्रभात कुमार झा की एकल पीठ ने संजय कुमार यादव सहित सैकड़ों याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं को मंजूर करते हुए राज्य सरकार को यह आदेश दिया। याचिकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट यदुवंश गिरी एवं एडवोकेट प्रणव कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि जुलाई 2019 से हो रही शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में राज्य सरकार ने इन अभ्यर्थियों के आवेदन देने पर रोक दिया है।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि दो वर्षीय डीएलएड कोर्स में 18 माह का प्रशिक्षण और छह महीनों का समायोजन, शिक्षकों को उनके शैक्षणिक कार्य अनुभवों के आधार पर किया गया था। 24 महीने के कोर्स की मियाद में छह महीने के इस शिथिलीकरण का प्रावधान एनसीटीई कानून में ही है। इन अभ्यर्थियों की अहर्ता पर सरकार ने सितंबर 2019 में एनसीटीई से परामर्श मांगा था। एनसीटीई ने 18 महीने के डीएलएड कोर्स को सिर्फ जो शिक्षण सेवा में उनके लिए ही मान्य बताया।

अगस्त 2017 तक नियुक्त शिक्षकों को कराया गया था 18 माह का कोर्स
बिहार में 2.17 लाख शिक्षक एनआईओएस से डीएलएड पास हुए थे। यह व्यवस्था वैसे अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए थी, जो 10 अगस्त 2017 से पहले नियुक्त हुए थे।

एनसीटीई की दलील थी-18 माह का कोर्स सिर्फ कार्यरत शिक्षकों के लिए था
एनसीटीई के निर्देश पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने एक आदेश जारी करते हुए 18 महीने के डीएलएड डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को शिक्षक नियोजन में आवेदन देने पर रोक का निर्देश दिया।

कोर्ट का आदेश देखने के बाद होगी आगे की कार्रवाई: शिक्षा विभाग
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रधान सचिव के इस आदेश को निरस्त कर दिया। जिसमें इन अभ्यर्थियों को नियोजन प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने सभी जिलों को इस आशय का पत्र भेजा था। कहा गया था कि 2 वर्षीय डीएलएड के साथ टीईटी पास होना भी अनिवार्य है। इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा कि हाईकोर्ट का लिखित आदेश अभी नहीं मिला है। बुधवार को आदेश की कॉपी का अध्ययन करने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

कोर्ट ने फिर कहा-ट्रेनिंग खत्म होने के दिन से ही शिक्षकों को दें प्रमोशन व इंक्रीमेंट का लाभ
हाईकोर्ट ने डीएलएड परीक्षा के अंकपत्र व सर्टिफिकेट देने में देरी के मामले में सुनवाई करते हुए हजारों प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह डीएलएड परीक्षा के सफल अभ्यार्थियों की वेतन बढ़ोतरी की तारीख को डीएलएड ट्रेनिंग खत्म होने की तारीख से तय करे। मालूम हो कि सरकार ने वेतन बढ़ोतरी का लाभ डीएलएड परीक्षाफल निर्गत होने की तारीख से देने का निर्णय लिया था। न्यायमूर्ति प्रभात कुमार झा की एकल पीठ ने रिट याचिकाओं को निष्पादित करते हुए यह आदेश दिया। राज्य के हजारों प्राथमिक शिक्षकों का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एडुकेशन के सत्र 2013-15 के लिए ट्रेनिंग 2017 में पूरी हो गई। इसके बाद भी इनकी परीक्षा नहीं ली जा रही थी।

Source – Bhaskar

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here