18 फरवरी मंगलवार की सुबह सूर्योदय से पहले मंगल ग्रह के सामने से चंद्रमा होकर गुजरेगा। इस घटना को मंगल के ग्रहण के रूप में देखा जा रहा है। खगोलविदों ने बताया है कि 2020 में चंद्रमा मंगल ग्रह के सामने से पांच बार होकर निकलेगा, लेकिन फरवरी में होने वाला ग्रहण एकमात्र ऐसा है, जिसको उत्तर और मध्य अमेरिका के अधिकांश हिस्सों से देखा जा सकेगा।

यह घटना दक्षिणपूर्व क्षितिज में दिखाई देगी। इस दौरान चंद्रमा पूरा नहीं बल्कि अर्धचंद्राकार आकार में होगा। चंद्रमा को मंगल ग्रह के सामने पूरी तरह आने में लगभग 14 सेकेंड का वक्त लगेगा। चंद्रमा को मंगल से होकर निकलने में लगभग आधा घंटा का समय लग सकता है इसके साथ ही यह देखने वाले की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसको देखने का समय भी जगह के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

बता दें कि साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण 11 जनवरी को पड़ा था। यह चंद्र ग्रहण कुल 04 घंटे 01 मिनट की अवधि तक रहा था। यह भारत समेत यूरोप, आस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई दिया था।

जानिए क्यों लगता है चंद्र ग्रहण
खगोलशास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण एक घगोलीय घटना है। जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है तो चंद्रमा उससे ढक जाता है, चंद्रमा तक सूर्य की किरणें नहीं पहुंच पाती हैं, तब चंद्र ग्रहण लगता है।

2020 में लगेंगे कुल 4 चंद्र ग्रहण
इस साल 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं, जिसमें पहला चंद्र ग्रहण 10 से 11 जनवरी को लगा था।

वर्ष 2020 में लगने वाले चंद्र ग्रहण
पहला चंद्र ग्रहण: 10-11 जनवरी
दूसरा चंद्र ग्रहण: 5-6 जून
तीसरा चंद्र ग्रहण: 4-5 जुलाई
चौथा चंद्र ग्रहण: 29-30 नवंबर

SOURCE – DAINIK JAGRAN

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