14 साल के भारतीय बच्चे ने सबसे कम उम्र का पायलट बन लिखा कामयाबी की नई मिसाल

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9वीं में पढ़ने वाला भारतीय छात्र मंसूर अनीस सबसे कम उम्र का पायलट बन गया है। मंसूर को पिछले सप्ताह कनाडा की एविएशन एकैडमी से सिंगल इंजन फ्लाइट उड़ाने का सर्टिफिकेट मिला है। मंसूर दुबई के शरजाह में दिल्ली प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है।

दुबई के एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार, मंसूर की सिंगल इजन फ्लाइट 10 मिनट की दूरी पर चलने वाली थी जिसे लोगों पार्किंग से रनवे तक ले जाना था। खबर के मुताबिक मंसूर ने सेसना 152 एयरक्राफ्ट नाम की फ्लाइट को उड़ाया। बताया जा रहा है कि मंसूर को स्टूडेंट पायलट परमिट मिला हुआ है।

मंसूर को पॉयलट का सर्टिफिकेट देने से पहले फ्लाइ्ंग टेस्ट भी कराया गया जिसमें वह पास हो गया। बताया जा रहा है कि मंसूर रेडियो कॉम्युनिकेशन टेस्ट भी पास कर चुका है और इसमें उसे 96 परसेंट अंक हासिल हुए हैं। कनाडा में विमान उड़ाने के लिए जो योग्यता चाहिए होती है उसके लिए मंसूर ने इतनी कम उम्र में ही पूरी कर ली है।

मंसूर को टेस्ट के लिए जब फ्लाइट दी गई तो उसने सफलतापूर्वक उसे उड़ाकर दिखा दिया। इसके बाद एएए एविएशन फ्लाइट एकैडमी ने मंसूर को 30 अगस्त को सर्टिफिकेट जारी किया।
उल्लेखनीय है कि दुनिया में सबसे कम उम्र का पायलट बनने का रिकॉर्ड जर्मनी के एक लड़के नाम था जिसने 15 साल की उम्र मे जर्मनी सर्टिफिकेट हासिल किया था। इसके बाद 34 घंटे की ट्रेनिंग पूरी करने वाले अमेरिका के 14 साल के एक लड़के को यह खिलाब मिला था। ध्यान रहे कि कनाडा में पायलट की लाइसेंस पाने के लिए न्यूनतम उम्र 14 साल है। इससे कम के उम्र के लड़कों को यहां प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग नहीं दी जाती।

बताया जा रहा है कि मंसूर का बड़ा भाई क्वैद फैजी भी पायलट है और उसी को देखकर मंसूर के मन में पायलट बनने का ख्वाब जागा था।

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