105 साल पुराने स्कूल को लेकर हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार से मांगा जवाब, जानें क्या है मामला

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पटना हाईकोर्ट ने 105 साल पुराने सीवान के गोरिया कोठी स्थित नारायण कर्मयोगी हाईस्कूल के ढहते भवन के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर कर स्कूल के बारे में पूरी जानकारी देने का आदेश दिया है। कोर्ट का कहना था कि शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल की भौतिक जांच कर जवाबी हलफनामा दायर करें।

विकासचंद्र उर्फ गुड्डू बाबा की ओर से दायर लोकहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस. कुमार की खंडपीठ ने वर्चुअल सुनवाई की। आवेदक की ओर से कोर्ट को को बताया गया कि 1916 में स्थापित सबसे पुराने इस स्कूल को पूरे सारण प्रमंडल में अंग्रेजी स्कूल के नाम से जाना जाता था।

आजादी के बाद इसे राजकीय स्कूल घोषित किया गया, लेकिन इस स्कूल पर कोई ध्यान नहीं दिये जाने के कारण स्कूल भवन एवं छत गिर रही है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना था कि जर्जर भवन में पढ़ाई से छात्रों एवं शिक्षकों की जान पर खतरा बना रहता है।

स्कूल में खेल मैदान, शौचालय व अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी घोर कमी है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी से पूरे स्कूल भवन की जांच करवाकर हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। साथ ही मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 23 फरवरी तय की।

 

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