हिमालय की 5 चोटियों पर विजय प्राप्त करने वाली बिहार की एक बेटी के हौसले की कहानी

एक बिहारी सब पर भारी

एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की सविता महतो ने बड़ा ख्वाब देखा और उसे पूरा भी किया। सविता ने हिमालय के संतोपथ पर्वत पर जमीन से साढ़े सात हजार मीटर ऊंचाई पर जाकर तिरंगा फहराया है।

जिले के पानापुर के चौहान महतो एवं क्रांति देवी की पुत्री सविता अपने परिवार के साथ कोलकाता गंजीपुर तारेश्वर हुगली में रहती है। उसके पिता चौहान महतो तारकेश्वर में मछली बेच कर परिवार चलाते है। इसके बाद भी वह यह साहस कर दिखाई है।

सविता का सपना अब माउंट एवेरेस्ट पर चढऩा है, लेकिन इसके लिए इसे आर्थिक कठिनाई हो रही है। महंगा माने जाने वाले इस एडवेंचर में सविता दो साल में हिमालय से जुड़े चौदह पर्वत पर चढ़ाई कर चुकीं है।



सविता महतो ने बताया कि उसके पिता कोलकाता में रहकर व्यवसाय करते थे। वहां पर्वत देखकर इसके बारे में जानने की इच्छा होती थी, प्लस टू के बाद कोलकाता विश्वविद्यालय में स्नातक में भूगोल विषय से नामांकन हो गया। पर्वत व पहाड़ के बारे में पढऩे से इसे नजदीक से देखने की इच्छा हुयी तो मां व पिता जी से जिद करके मैने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान दार्जिलिंग में बेसिक कोर्स, उच्च स्तरीय कोर्स एवं साहिसक कोर्स किया।

कोर्स करने के बाद मैने पर्वतारोहण करना शुरू कर दिया। वर्ष 2014 मैने रेनक पर्वत सिक्किम हिमालय पर जिसकी ऊंचाई 5030 मीटर है, चार दिन में चढ़ाई की। इसके बाद मेरा यह सिलसिला शुरू हो गया। मैने अब तक सबसे ऊंची चढ़ाई गढ़वाल हिमालयन के संतोपंथ पर्वत पर की है।

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