पटना : राज्य की शहरों से निकलने वाला करीब छह करोड़, 19 लाख, 50 हजार लीटर सीवरेज का गंदा पानी अगले डेढ़ वर्ष यानी मार्च, 2021 के बाद से गंगा नदी में नहीं गिरेगा.

पटना सहित पूरे राज्य के लगभग 5535.21 करोड़ की लागत से 29 जगहों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवरेज नेटवर्क का काम किया जा रहा है. लगभग एक दर्जन जगहों पर काम की शुरुआत हो चुकी है. आधा जगहों पर प्रोजेक्ट पूरे होने की स्थिति में है. इसके अलावा कई जगहों पर प्रोजेक्ट की डीपीआर फाइनल होने के साथ अंतिम मुहर के लिए फाइल दिल्ली नमामि गंगे योजना में भेजी गयी है.
इन जगहों पर जल्द पूरी हो रही योजना

एसटीपी का काम सबसे पहले पटना शहर में पूरा होगा. बेऊर में 66.61 करोड़ की लागत और 43 एमएलडी, करमलीचक में 77.04 करोड़ व 37 एमएलडी एसटीपी का काम पूरा हो गया है. सैदपुर में 60 एमएलडी का काम 80 फीसदी तक पूरा हो गया है. पहाड़ी में 191 करोड़ लागत और 60 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का काम लगभग 40 फीसदी तक पूरा हो गया है. इसके अलावा बेऊर में 394.89 करोड़, सैदपुर में 184 करोड़, करमलीचक में 277 करोड़ व पहाड़ी में लगभग 450 करोड़ की लागत से सीवरेज नेटवर्क का काम किया जा रहा है.

यहां चल रहा है काम : बाढ़ में 11 एमएलडी की क्षमता व 58.27 करोड़ की लागत, मोकामा में 8 एमएलडी की क्षमता व 60.91 करोड़ की लागत, नौगछिया में 9 एमएलडी की क्षमता व 61.89 करोड़ की लागत, सुल्तानगंज में 10 एमएलडी की क्षमता और 63.51 करोड़ की लागत, मनेर में 6.5 एमएलडी की क्षमता व 41 करोड़ की लागत में पूरे हो रहे हैं.

डीपीआर की स्वीकृति में आठ एसटीपी : बेगूसराय, छपरा, खगड़िया, दानापुर, फुलवारी, फतुहा, भागलपुर व हाजीपुर में एसटीपी के लिए डीपीआर का निर्माण किया जा चुका है. इसमें बेगूसराय की फाइल नमामि गंगे मिशन में दिल्ली भेजी गयी है, जबकि जगहों पर निविदा की जांच बुडको की ओर से किया जा रहा है. इसके अलावा कई एसटीपी निर्माण की योजना है.

सारे एसटीपी के काम तय समय से चल रहे हैं. सीवरेज नेटवर्क के लिए पथ निर्माण विभाग, एनएचएआइ व रेलवे से एनओसी का मामला फंसा है. मुख्य सचिव स्तर से इसको लेकर बैठक प्रस्तावित है. स्वीकृति मिलने पर नेटवर्क के काम में तेजी आयेगी.

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