स्टेशन रोड फ्लाईओवर पर जल्दी ही दौड़ेंगी गाड़ियां, करबिगहिया-मीठापुर पुल भी होगा शुरू

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पटना :  राजधानी पटना के फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स समय पर पूरा नहीं होंगे। कोई डिजाइन डिफाल्ट में फंसा तो कोई ट्रैफिक में। लिहाजा राजधानी के किसी भाग से कंकड़बाग 10 से 15 मिनट में पहुंचने का दावा भी फिलवक्त खूंटी पर टंगा है।

चार बड़े फ्लाईओवर में एक को छोड़ दिया जाए तो तीन के निर्माण की परियोजना अटक-अटक कर चल रही है। यह स्थिति स्टेशन के आसपास यातायात को सुचारू बनाने के लिए तैयार किए जा रहे फ्लाईओवर की है। लोहिया पथ चक्र का काम तो चालू है लेकिन पूरा कब होगा यह दावा करने की स्थिति में कोई नहीं है। वैसे जुलाई 2018 की समय सीमा निर्धारित है। प्रोजेक्ट का शिलान्यास 26 अगस्त 2015 को हुआ था। 35 महीने की अवधि में 24 महीने बीत चुके हैं।

ललित भवन से फ्लाईओवर शुरू होकर हड़ताली मोड़ ( बिहार म्यूजियम) तक जाएगा। इसमें मल्टीपल विंग होंगे। नॉर्वे की डिजाइन की तर्ज पर हड़ताली मोड़ के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए यह निर्माण हो रहा है। वर्तमान स्थिति नेहरूगोलंबर के पास ओवरब्रिज की पायलिंग को अनुमति नहीं मिली। डिजाइन बदली। मेट्रो अलाइनमेंट के कारण यहां केबल स्टे ब्रिज बनना है। लेकिन, पिलर का काम अटका है। सड़क से 40 फीट ऊपर केबल स्टे ब्रिज बनना है।

20 घंटे लोगों की आवाजाही के कारण महज चार घंटे ही काम हो रहा है बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर, पटना-1 सुनील कुमार ने बताया कि हमने दिवाली तक पुल को उद्घाटन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बुद्ध मार्ग से करबिगहिया को जोड़ने वाले फ्लाईओवर को चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर से जोड़ा जाना है। मकसद स्टेशन रोड के जाम को नियंत्रित करना है। 30 अप्रैल 2015 को काम पूरा होने की तारीख संशोधित हुई। नई तारीख जून 2016 तय हुई। फिर 15 अगस्त 2017 की तारीख आई, वह भी फेल हो चुकी है।

परियोजना में लगे कर्मचारियों का कहना है कि अगर काम की यही रफ्तार रही तो तीन माह काम पूरा होने में लगेंगे। तीन माह से काम रुका हुआ है। डिजाइन में गड़बड़ी की बात आई है। पहले इस गोलंबर का घेरा कम जगह में बने, आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञों की देखरेख में इसका डिजाइन तैयार किया गया।

इस कारण निर्माण शुरू होने में देरी हुई। काम शुरू हुआ फिर डिजाइन में खामी के कारण काम रुक गया। आईआईटी रूड़की की टीम डिजाइन में फेरबदल का प्रस्ताव समर्पित कर चुकी है। अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। अब, काम शुरू होने के बाद करीब एक वर्ष का समय लगेगा।

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