कश्मीर के मुद्दे पर बहुत रोने-गाने के बाद भी किसी भी देश या संस्था का साथ न मिलने के बाद अब पाकिस्तान नापाक हरकतों पर उतर आया है. पाकिस्तान ने अपनी हरकतों से भारत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया है. दरअसल पाकिस्तान ने पंजाब से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बनी कई टेनरियों से हजारों लीटर जहरीला और प्रदूषित पानी सतलुज नदी में छोड़ा है. इससे भारतीय इलाके में सतलुज का बांध टूट गया है. वहीं गंदे पानी को पीने और प्रयोग करने से सीमा के आसपास के इलाके में पड़ने वाले गांवों में स्थानीयों नागरिकों पर गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.

किसानों की फसलों और गांववालों के स्वास्थ्य को हो रहा नुकसान
बता दें कि सतलुज पंजाब में पाकिस्तान की ओर से होकर आती है, हालांकि पहले वह भारत से ही पाकिस्तानी सीमा में जाती है. सतलुज का दोबारा भारत में प्रवेश टेंडीवाला के रास्ते होता है. लेकिन अब छोड़े गए पाकिस्तानी टेनरियों के पानी से न सिर्फ किसानों की फसलों बल्कि उनके स्वास्थ्य को भी काफी नुकसान हो रहा है.

सीएम अमरिंदर सिंह ने बाढ़ जैसी स्थितियों को चलते तटबंध को सेना की मदद से और मजबूत बनाने के निर्देश दिए थे. भले ही सेना के प्रयास से तटबंध सही हो गया हो लेकिन जहरीले पानी के चलते फिरोजपुर के तमाम गांवों पर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है.

NDRF की टीमों को दिया गया तैयार रहने का निर्देश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को हुई एक हाई लेवल मीटिंग में राज्य के प्रमुख सचिव (जल संसाधन) को टेंडीवाला गांव के तटबंधों को और मजबूत कराने और स्थितियों पर पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. इसके अलावा सीएम ने फिरोजपुर के डीसी चंदर गैंड को NDRF की टीमों को तैयार रखने को भी कहा है. गैंड ने स्थितियों का जायजा लेने के बाद सीएम को बताया कि माखू और हुसैनीवाला गांवों के 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इसके अलावा 630 लोगों को चिकित्सकीय सहायता भी दी गई है. डीसी ने कहा कि भारत से सतलुज में जितना पानी जा रहा है, वापसी में उसे दोगुना दूषित पानी पाकिस्तान की ओर से भारतीय इलाके में छोड़ा जा रहा है.

फिरोजपुर में आई इस बाढ़ से 1689 लोग प्रभावित हुए हैं. मोबाइल हेल्थ टीमों को इनकी निगरानी में लगाया गया है. 655 मरीजों को यहां बनाई गई OPD में चिकित्सकों की टीम के पास भेजा गया. सीएम ने अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है. वहीं फिरोजपुर, रोपड़ और कपूरथला जिलों में बाढ़ की वजह से किसानों को हुए नुकसान का अनुमान लगाने को भी कहा गया.

केंद्र से आर्थिक मदद की मांग कर चुके हैं अमरिंदर सिंह
इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पहले ही पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बाढ़ से राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है. शुरुआती अनुमान में पाया गया है कि पंजाब सरकार को इस बाढ़ से 1700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. पंजाब की बाढ़ की स्थितियों के बीच खबर है कि जल्द ही केंद्र सरकार अपना एक प्रतिनिधिमंडल यहां निरीक्षण के लिए भेजने वाली है, जो यहां हुए कुल नुकसान की समीक्षा करेगा.

Source : news 18

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