पटना: शेन वॉटसन के शतक (117 नाबाद) से चेन्नई सुपर किंग्स ने रविवार को आईपीएल फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद का रौंदकर ‍तीसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया। सनराइजर्स ने 6 विकेट पर 178 रन बनाए। जवाब में चेन्नई ने 9 गेंद शेष रहते 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया। चेन्नई इससे पहले 2010 और 2011 में चैंपियन बना था। दो वर्ष के निलंबन के बाद लौटते हुए खिताब जीतकर चेन्नई ने अपनी वापसी को यादगार बना लिया।

चेन्नई की शुरुआत बेहद धीमी रही और पिछले मैच के हीरो फॉफ डु प्लेसिस मात्र 10 रन बनाकर संदीप शर्मा के शिकार बने। धीमी शुरुआत करने वाले वॉटसन ने जमने के बाद खुलकर स्ट्रोक्स खेले। उन्होंने विकेट के चारों तरफ रन बटोरे। वॉटसन ने शाकिब की गेंद पर छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की। वे 33 गेंदों में 3 चौकों और 4 छक्कों की मदद से अर्द्धशतक तक पहुंचे। रैना ब्रैथवेट की बाउंसर पर विकेटकीपर गोस्वामी को कैच थमा बैठे। उन्होंने 32 रन बनाए। रैना ने वॉटसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 9.3 ओवरों में 117 रन जोड़े।

चेन्नई सुपर किंग्स ने हैदराबाद के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सनराइजर्स को पहला झटका तब लगा जब श्रीवत्स गोस्वामी जोखिमभरा दूसरा रन चुराने के प्रयास में रन आउट हुए। उन्होंने 5 रन बनाए। रवींद्र जडेजा की गेंद को स्वीप करने के प्रयास में शिखर धवन बोल्ड हुए। उन्होंने 26 रन बनाए और केन विलियम्सन के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन जोड़े। कर्ण शर्मा ने सनराइजर्स को करारा झटका दिया जब उन्होंने कप्तान केन विलियम्सन को विकेटकीपर धोनी के हाथों स्टंप करवाया। विलियम्सन ने 5 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 47 रन बनाए। अब जिम्मेदारी शाकिब अल हसन और यूसुफ पठान पर टिक गई थी, लेकिन शाकिब 23 रन बनाने के बाद ब्रावो की फुलटॉस पर कवर्स में रैना को कैच थमा बैठे। उन्होंने पठान के साथ चौथे विकेट के लिए 32 रन जोड़े। कार्लोस ब्रैथवेट 11 गेंदों में 21 रन बनाकर शार्दुल ठाकुर के शिकार बने। यूसुफ पठान 25 गेंदों में 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 45 रन बनाकर नाबाद रहे।

चेन्नई ने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव कर हरभजनसिंह की जगह कर्ण शर्मा को शामिल किया। सनराइजर्स ने दो बदलाव किए, खलील अहमद की जगह संदीप शर्मा को और चोटिल रिद्धिमान साहा की जगह श्रीवत्स गोस्वामी को शामिल किया।

चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रविवार को होने वाले आईपीएल 2018 के फाइनल में जोरदार संघर्ष देखने को मिलने की उम्मीद है। वैसे तो इस सत्र में सीएसके तीन बार सनराइजर्स को हरा चुका है, लेकिन फाइनल में वो इस टीम को कमजोर आंकने की गलती नहीं करेगा। महेंद्रसिंह धोनी की सीएसके तीसरे खिताब के लिए जबकि केन विलियम्सन की सनराइजर्स दूसरे खिताब के लिए मैदान में उतरेगी।‍ विजेता टीम को ट्रॉफी के अलावा 20 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उपविजेता टीम को 12.5 करोड़ रुपए पर संतोष करना होगा।

आईपीएल 2018 में सनराइजर्स और चेन्नई अंक तालिका में क्रमश: पहले और दूसरे क्रम पर रही थी। इसके बाद इनके बीच हुए पहले क्वालीफायर में सनराइजर्स के 139/7 के जवाब में चेन्नई ने 92 रनों पर 7‍ विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद दबाव की स्थिति में फॉफ डु प्लेसिस द्वारा खेली गई अर्द्धशतकीय पारी की मदद से चेन्नई ने 5 गेंद शेष रहते 2 विकेट से जीत दर्जकर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी तरफ सनराइजर्स ने इसके बाद दूसरे क्वलीफायर में कोलकाता नाइटराइडर्स को हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। अफगानी खिलाड़ी राशिद खान के ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर सनराइजर्स ने केकेआर पर जीत दर्ज की थी।

अब सनराइजर्स के पास चेन्नई से इस सत्र में मिली तीन हार का बदला लेने का मौका रहेगा। यह मुकाबला चेन्नई की बल्लेबाजी और सनराइजर्स की गेंदबाजी के बीच होगा। वैसे अभी तक हुए मैचों में अंबाती रायुडू, शेन वॉटसन, महेंद्रसिंह धोनी की बल्लेबाजी पंक्ति भुवनेश्वर कुमार, राशिद खान और सिद्धार्थ कौल की गेंदबाजी पर भारी साबित हुई है। केकेआर के खिलाफ दमदार प्रदर्शन से उत्साहित हैदराबादी गेंदबाज फाइनल में हिसाब चुकता करना चाहेंगे।

एक को पहले बल्लेबाजी पसंद तो दूसरे को बाद में : यदि इन दोनों टीमों के इस आईपीएल के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो सनराइजर्स को जहां लक्ष्य का बचाव करना पसंद है, वहीं चेन्नई को लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज करना। सनराइजर्स का पहले बल्लेबाजी करते हुए जीत-हार का रिकॉर्ड 5-3 रहा है। दूसरी तरफ चेन्नई का लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत-हार का रिकॉर्ड 7-2 रहा है।

आंकड़ों में चेन्नई का पलड़ा भारी :

ऐसा नहीं है कि इन दोनों टीमों के आपसी मुकाबले में चेन्नई सिर्फ इसी वर्ष भारी साबित हुआ। इनके बीच अभी तक हुए कुल 9 मैचों में से चेन्नई ने 7 मैच जीते, जबकि सनराइर्ज 2 मैच ही जीत पाया है।

  • – अभी तक हुए 10 आईपीएल फाइनल में 7 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें विजयी हुई है।
  • – चेन्नई सुपर किंग्स ने वानखेड़े स्टेडियम में 12 मैच खेले, जिनमें से 6 मैचों में उसे जीत मिली जबकि 6 में हार झेलनी पड़ी।
  • – सनराइजर्स का इस स्टेडियम में रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है और वह 5 मैचों में से मात्र 1 जीत पाया है।

टीमें (संभावित) – चेन्नई सुपर किंग्स : शेन वॉटसन, फॉफ डु प्लेसिस, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, महेंद्रसिंह धोनी (कप्तान), रवींद्र जडेजा, ड्‍वेन ब्रावो, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर, लुंगी नजीडी।

सनराइजर्स हैदराबाद : शिखर धवन, श्रीवत्स गोस्वामी , केन विलियम्सन (कप्तान), दीपक हूडा, यूसुफ पठान, शाकिब अल हसन, कार्लोस ब्रैथवेट, राशिद खान, भुवनेश्वर कुमार, सिद्धार्थ कौल, संदीप शर्मा।

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