भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन के साथ इंस्टाग्राम लाइव में अपने करियर के सबसे खराब समय के बारे में बताया। कोहली ने कहा कि 2014 इंग्लैंड दौरा उनके करियर का सबसे खराब दौरा था। उन्होंने बताया कि वह ऐसा दौरा था, जहां वह उठते थे और उन्हें मालूम था कि वह फेल होंगे। भारतीय कप्तान ने कहा कि बतौर बल्लेबाज एक समय होता है, जब आप जानते हैं कि आप असफल होंगे और आप रन नहीं बना पाएंगे।

कोरोना वायरस के कारण इस समय क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं हो रहे और ऐसे में क्रिकेटर्स अपने प्रशंसकों से जुड़े रहने के लिए लाइव आ रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कोहली और पीटरसन लाइव आए। जहां कोहली ने अपने करियर और निजी जिंदगी में जुड़े कई मुद्दों पर बात की। इसी दौरान उन्होंने अपने करियर के सबसे खराब समय के बारे में भी खुलकर बात की।

कोहली ने कहा कि उस समय उन्होंने इतना खराब महसूस किया था, ऐसा उन्होंने उस दौरे से पहले कभी भी नहीं किया। उस समय उन्होंने खुद से वादा किया वह अपने साथ ऐसा कभी नहीं होने देंगे। इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के बारे में कोहली ने कहा कि वह इसीलिए हुआ क्योंकि वह व्यक्तिगत दृष्टिकोण से अच्छा करने के बारे में सोच रहे थे।

उन्होंने सिर्फ इतना ही महसूस किया था कि वह इंग्लैंड में हैं और यह एक टेस्ट है और यदि वह रन बनाते हैं तो वह टीम में खुद की जगत पक्की कर पाएंगे। 2014 में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में कोहली ने 13.40 की औसत से 134 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में वह सिर्फ दो बार 50 या उससे ज्यादा रन बना पाए थे।

कोहली ने इस मौके पर अपने बल्लेबाजी साझेदार और अपने निकनेम पर भी बात की। कोहली ने अपने पसंदीदा बल्लेबाजी साझेदार के रूप में एमएस धौनी और एबी डिविलियर्स को चुना। कोहली ने कहा कि उन्हें ऐसा बल्लेबाजी साझेदार पसंद है, जो अच्छा दौड़ सके और उनके इशारों को समझ सकें। उन्हें भारत की ओर से खेलते हुए धौनी को और बाकियों में डिविलियर्स को अपना पसंदीदा साझेदार बताया।

SOURCE – DAINIK JAGRAN

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