च्यवनप्राश भारत के सर्वाधिक प्राचीन आयुर्वेदिक स्वास्थ्य पूरकों में से एक एवं सर्वाधिक बिकने वाला आयुर्वेदिक उत्पाद है।

आयुर्वेद के अनुसार कमजोरी, पुराने जुकाम-खांसी सहित फेफड़े व क्षय रोग के निदान के लिए दी जाने वाली औषधियों के साथ च्यवनप्राश जरूरी है। च्यवनप्राश में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी बूटियां आँवला, गिलोय व तुलसी भरपूर मात्रा में होती है च्यवनप्राश स्मरण शक्ति, बुद्धि व शरीर के विकास में भी काफी मददगार साबित होता है।

च्यवनप्राश में मुख्यत पांच तरह के तत्व होते हैं

प्रधान द्रव्य – आँवला फल

संसाधन द्रव्य – इन द्रव्यों में पानी डाल कर आंवला फल को हल्की आग पर उबाला जाता है।

यमक द्रव्य – इस श्रेणी के द्रव्य में घी एवं तिल का तेल आते हैं।

संवाहक द्रव्य – इस श्रेणी के द्रव्य (चीनी) च्यवनप्राश को सुरक्षित रखने के लिये उपयोग किये जाते हैं।

प्रक्षेप द्रव्य – ये द्रव्य हैं केशर, नागकेशर, पिप्पली, छोटी इलायची, दालचीनी, बंसलोचन, शहद एवं तेजपात।

च्यवनप्राश त्रिदोष नाशक है। इसमें लवण रस को छोडकर पांचों रस भरे हुये हैं। वैज्ञानिक खोजों से यह साबित हुआ है कि आंवले में पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेंट एन्जाइम बुढापे को रोकता है। वायरस के फैलने की स्थिति में च्यवनप्राश शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देती है।

च्यवनप्राश का सेवन वैसे तो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन खास तौर से सर्दी के दिनों में इसका प्रयोग बेहद लाभदायक होता है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया गया च्यवनप्राश कई तरह की बीमारियों से आपको बचाता है, और आपको रखता है सेहतमंद। जानिए च्यवनप्राश के यह 10 फायदे – 
 

1 सर्दी के दिनों में च्यवनप्राश का सेवन करना, शरीर में गर्माहट पैदा कर ठंड के दुष्प्रभावों से बचाता है। इसके अलावा च्यवनप्राश खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है और बीमारियां दूर रहती हैं।

2 सर्दी, खांसी, फ्लू और कफ हो जाने पर च्यवनप्राश खाना फायदेमंद होता है। सर्दी में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय च्यवनप्राश खाने से सर्दी से पैदा होने वाली बीमारियां नहीं होती।
3 पाचन से जुड़ी परेशानियों में च्यवनप्राश बहुत फायदेमंद है, इसे रोजाना खाने से पाचन की सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है।

4  च्यवनप्राश में आंवला और अन्य जड़ी बूटियां होती है, जो आपके शरीर को विटामिन और मिनरल्स देता है और इससे आपकी क्रियाशीलता में वृद्धि‍ होती है साथ ही सेक्स पावर में भी इजाफा होता है।

5 अगर आपके बाल सफेद हो रहे हैं, तो च्यवनप्राश खाना आपके लिए एक बेहतरीन उपाय है। रोजाना च्यवनप्राश खाना आपके सफेद होते बालों को भी काला करने की क्षमता रखता है। इससे नाखून भी मजबूत होते हैं।

6 सर्दी में खांसी होना आम बात है, लेकिन अगर आप पुरानी खांसी से भी परेशान हैं, तो च्यवनप्राश जरूर खाएं। इससे आपको खांसी से बिल्कुल निजात मिल जाएगी। इसके अलावा च्यवनप्राश आपके हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है।

7 छोटे बच्चों में होने वाली कई समस्याएं सिर्फ च्यवनप्राश खाने से दूर हो सकती हैं। सर्दी के कारण भी बच्चे सेहत से जुड़ी परेशानियों से जूझते हैं। च्यव नप्राश का नियमित सेवन बच्चों को अंदरूनी शक्ति देता है।

8  महिलाओं के लिए भी च्यवनप्राश खाना बहुत लाभकारी है। अगर माहवारी नियमित नहीं हो रही हो, तो नियमित च्यवनप्राश का सेवन आपको मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं से दूर रखता है।

9 बच्चे हों या बड़े, नियमित च्यवनप्राश का सेवन दिमाग की सक्रियता को बढ़ाता है और एकाग्रता में वृद्धि‍ करता है। इससे मानसिक तनाव में कमी आती है और दि‍माग स्वस्थ रहता है।

10 यह शरीर के आंतरिक अंगों की सफाई तक हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा यह रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार है।

11. वज़न कम करने के लिये

गलत खान-पान, नियमित व्यायाम न करने से और कई अन्य कारणों से कब आपका वज़न बढ़ने लगता है पता ही नहीं चलता है। ऐसे में अगर आप च्यवनप्राश का सेवन करते हो, तो कुछ हद तक वज़न कम हो सकता है।

च्यवनप्राश के नुकसान –

हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। वहीं, किसी भी चीज़ का अगर ज़रूरत से ज़्यादा सेवन किया जाए, तो उससे भी नुकसान हो सकते हैं। अगर आप सोचते हैं कि ज़्यादा च्यवनप्राश खाने से आपको ज्यादा फायदा होगा, तो आप गलत हैं। नीचे हम च्यवनप्राश के कुछ नुकसान भी आपको बता रहे हैं।

1.च्यवनप्राश ज्यादा खाने से पेट खराब हो सकता है।

च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मियों में इसके सेवन से पेट में जलन व अपच जैसी अन्य परेशानियां हो सकती है। हालांकि, आजकल गर्मियों के लिए बाजार में अलग च्यवनप्राश मिलता है, फिर भी इसका सेवन आप एक सीमित मात्रा में ही करें।

2.डायबिटीज के मरीजों को च्यवनप्राश नहीं खाना चाहिए।

इसका सेवन आप दूध के साथ भी कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि च्यवनप्राश खाने के तुरंत बाद कोई भी मसालेदार चीज़ न खाएं, बल्कि करीब आधे घंटे बाद ही कुछ खाएं।

3.हर रोज एक या दो चम्मच च्यवनप्राश खा सकते हैं।

4.छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं व डायबिटीज के मरीज च्यवनप्राश का सेवन डॉक्टर से पूछकर करें।

5.च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, इसलिए अगर मुंह में छाले हो गए हैं, तो इसका सेवन न करें।

6.च्यवनप्राश आप रोटी पर लगाकर भी खा सकते हैं।

7.अगर आप संवेदनशील हैं और आपको किसी भी चीज़ से जल्दी एलर्जी होती है या आप कोई दवाई ले रहे हैं, तो च्यवनप्राश खाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ज़रूर कर लें।

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