मोतिहारी बस हादसा के “वायरल” झूठ का हुआ खुलासा, ये है सच्चाई

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मोतिहारी जिले के कोटवा थाना क्षेत्र स्थित बंगरी के पास हुए बस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है। इस बात की पुष्टि जिलाधिकारी रमण कुमार ने की। उन्होंने कहा कि बस में केवल तेरह लोग सवार थे, जिनके परिजन और बस में सवार यात्रियों से बात हो गई है।

दुर्घटनास्थल पर बस की जांच समाप्त हो गई है और एनडीआरएफ और एफएसएल की टीम लौट चुकी है। हाजीपुर और सीतामढ़ी से एसडीआरएफ की 16 तथा पटना से एनडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची थी। एफएसएल की टीम ने जांच के लिए कुछ नमूनों को एकत्र किया और अपने साथ पटना ले गई।

इधर घटना स्थल पर से किसी प्रकार का मानवीय अवशेष नहीं मिला है। लिहाजा, जिला प्रशासन ने किसी भी यात्री या बस स्टाफ की मौत नहीं होने की पुष्टि करते हुए सभी के सुरक्षित होने की बात कही। साथ ही जिला प्रशासन ने बस में सवार सभी तेरह यात्रियों की सूची जारी कर दी है।

शुरुआती दौर में हादसे में लोगों की मौत की खबर पर बिहार सीएम नीतीश कुमार ने दुख जताते हुए मुआवजा तक देने की बात कह दी। पीएम मोदी और राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर संवेदना जताई थी। ऐसे में हादसे को लेकर जल्दबाजी में की गई मौत की पुष्टि ने नीतीश सरकार की किरकिरी ही कराने का काम किया है।

यह हादसा गुरुवार दोपहर का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार के मोतिहारी जिले के कोटवा इलाके में मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही एक बस पुल से नीचे पलट गई। ऐक्सिडेंट के बाद बस में आग लग गई थी।

हालांकि, कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई थी कि कई लोग इस हादसे में जिंदा जल गए। इसके बाद से हीं खबरों की अंबार लगनी शुरु हो गई थी। लेकिन, इसकी पुष्टी पूर्ण रूप से कर दी गई है कि उन तमाम खबरों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं थी।

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बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही ट्रेवल एजेंसी की बस नेशनल हाईवे 28 पर कोटवा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई। पुल से नीचे गिरने के बाद बस में आग लग गई जिससे करीब 27 लोगों की मौत होने की खबर है। इस बस का नंबर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले का है। आनन-फानन में नंबर की जांच कराई गई तो ये फर्जी निकला, इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

इटावा स्थित परिवहन विभाग के यात्री कर अधिकारी अरविंद कुमार जैसल ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्‍त बस पर लिखा नंबर (यूपी 75 एटी-2312) इटावा का था। बस पर लिखा नंबर मोटर कैब का है, जोकि जांच में फर्जी निकला। नंबर सचेंद्र कुमार सिंह पुत्र अंगद सिंह निवासी नगला रामसुंदर के नाम दर्ज है। यह मोटर कैब श्रेणी का है और गाड़ी महिंद्रा कंपनी की है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह नंबर बस पर कैसे चलाया जा रहा है ये जांच का विषय है। मामले की जांच के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकेगा लेकिन इससे बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। नंबर फर्जी पाए जाने से परिवहन व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आने लगी है।

पिछले दिनों इटावा में एक दलाल समेत दो परिवहन अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजने के मामले के बाद सैकड़ों फर्जीवाड़े सामने आने की उम्मीद लगाई गई थी। इसी क्रम में यह नंबर सामने आया है।

गौरतलब है कि बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही बस में गड्ढ़े में पलटने के कारण आग लग गई। इससे उसमें सवार करीब 27 लोगों की मौत होने की खबर है। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने बताया कि बस एक मोटरसाइकिल को बचाने के चलते अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गई।

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