मैथिली में शपथ लेकर जीत लिया दिल, लोगों ने कहा- नेताओं को ऐसा ही होना चाहिए

एक बिहारी सब पर भारी

दिल्ली निगम निगम का चुनाव संपन्न हो गया। गुरुवार को नवनिर्वाचित पार्षदों को शपथ ग्रहण दिलाया गया।

इस मौके पर श्रीमती सोना रंजीत चौधरी और श्रीमती पूनम पराशर झा ने मैथिली में शपथ ग्रहण लिया।
उनके इस अनोखे प्रयास ने लोगों का दिल जीत लिया। लोगों ने इन दोनों को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बता दें कि मैथिली भारत के उत्तरी बिहार और नेपाल के तराई के ईलाक़ों में बोली जाने वाली भाषा है।

ये प्राचीन भाषा हिन्द आर्य परिवार की सदस्य है और भाषाई तौर पर हिन्दी, बांग्ला, असमिया, उड़िया और नेपाली से इसका प्रमुख श्रोत संस्कृत भाषा है।

पहले इसे मिथिलाक्षर तथा कैथी लिपि में लिखा जाता था जो बांग्ला और असमिया लिपियों से मिलती थी पर कालान्तर में देवनागरी का प्रयोग होने लगा।

मिथिलाक्षर को तिरहुता या वैदेही लिपी के नाम से भी जाना जाता है। ये असमिया, बाङ्गला और उड़िया लिपियों की जननी है। मैथिली का प्रथम प्रमाण रामायण में मिलता है।

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