मिसाल- बिहार में एक मुखिया जिन्होंने 31 हज़ार पौधे लगाकर बदल दी पंचायत की सूरत

कही-सुनी

 

उन्होंने इस काम के लिए मनरेगा के तहत सामाजिक वानिकी योजना का सहारा लिया है। उनके इस प्रयास का ही परिणाम है कि क्षेत्र में तेजी से हरियाली बढ़ी है। प्रेमशंकर सिंह ने पंचायत के सभी सरकारी व विभिन्न निजी भूमि पर अभियान चलाकर पौधारोपण कराया।

इस दौरान लोगों को पौधरोपण के फायदों की जानकारी भी दी। यही वजह है कि 11 हजार जनसंख्यावाली इस पंचायत में अब तक 31 हजार पौधे लग चुके हैं। प्रेमशंकर पौधों के संरक्षण की व्यवस्था भी करते हैं। लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सैकड़ों वन पोषकों को दी गई है।

इस अभियान में इमारती व फलदार पौधे लगाए गए हैं। इससे लोगों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है। इतना ही नहीं इस अभियान के दौरान विकासात्मक कार्य का जो क्रम आरंभ हुआ है इसका सुपरिणाम गांव की समस्याओं के निदान की दिशा में भी दिखने लगा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.