मायावती

अब मायावती ने भी छोड़ा लालू का साथ, नहीं होंगी 27 की रैली में शामिल

कही-सुनी

राजद अध्यक्ष लालू यादव को करारा झटका लगा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उनकी 27 अगस्त की रैली में आने से इंकार दिया है। मायावती के इंकार के बाद बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को भी बड़ा झटका लगा है। एक तरफ लालू मायावती को राज्यसभा की सीट भी देने को तैयार हैं, लेकिन मायावती ने तो अब रैली में ही आने से मना कर दिया है।

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 27 अगस्त को ‘बीजेपी हटाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की है। इस रैली में गैर-एनडीए दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। लालू यादव को पूरी संभावना थी कि मायावती उनकी रैली में जरूर आएंगी। लेकिन उनका भरोसा मायावती ने तोड़ दिया है।

बता दें कि हाल ही में जब मायावती ने राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिया था, तब लालू यादव ने उन्हें अपनी पार्टी के कोटे से राज्यसभा भेजने की पेशकश की थी और लालू को पूरा भरोसा था कि मायावती उनकी रैली का और विपक्षी एकता का हिस्सा जरूर बनेंगी।









राजद की इस रैली को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता को मजबूती मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। मगर, जैसे-जैसे चुनाव का वक्त नजदीक आ रहा है, बीजेपी के विरोधी दलों की इस उम्मीद को झटका लगता जा रहा है। हाल ही में जेडीयू ने आरजेडी-कांग्रेस से महागठबंधन तोड़कर एनडीए का दामन थाम लिया।नीतीश का बीजेपी में जाना विपक्षी फ्रंट के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।

वहीं दूसरी तरफ, यूपी में समाजवादी पार्टी की पारिवारिक कलह चुनाव के बाद तक बदस्तूर जारी है। ऐसे में मायावती का आरजेडी की रैली में न जाना बीजेपी के खिलाफ लामबंदी को और कमजोर करने जैसा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मायावती ने लालू की रैली में आने से इंकार कर दिया है। अभी तक उनके नहीं आने की वजह सामने नहीं आई है।




मायावती




लालू को उम्मीद थी कि उनकी रैली में पहली बार सपा और बसपा एक मंच पर नजर आएंगे। देश की मौजूदा सियासत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की लगातार कोशिश की जा रही है। इसके लिए लालू यादव लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी ये उम्मीद अब कमजोर होती जा रही है।

बिहार में शरद यादव के जदयू के खिलाफ बोलने और लालू को उनका सपोर्ट करने को लेकर विपक्षी एकता और रैली के बाद इसके लिए होने वाली गठबंधन की चर्चा जोरों पर है। एेसी संभावना है कि 27 अगस्त की लालू की रैली में एकजुटता देखने को मिले। इसे लेकर राजद में उत्साह देखा जा रहा है।







Leave a Reply

Your email address will not be published.