लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद उनके आवास पर मनाए जाने वाले त्योहारों की रौनक गुम हो गई है. मकर संक्रांति के अवसर पर पटना स्थित लालू आवास पर इस साल भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं हो रहा है. इससे आरजेडी के नेताओं-कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में मायूसी है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन कैंसिल होने की वजह पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का अस्वस्थ होना है. बीमार राबड़ी देवी दिल्ली में इलाज करा रही हैं.

दरअसल एक वक्त था जब मकर संक्रांति के मौके पर लालू यादव के घर पर काफी गहमागहमी होती थी. चुनावी वर्ष में जहां बिहार की अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां दही-चूड़ा का भोज कर रही हैं वहीं लालू के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर इस साल भी सन्नाटा पसरा है. हालांकि राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप और मीसा भारती ने लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं.

अनोखे अंदाज में त्योहार मनाते थे लालू यादव
लालू यादव को करीब से जानने वाले वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय के मुताबिक लालू यादव को त्योहार मनाना प्रिय रहा है. वो अपने त्योहार में आम लोगों से खांटी अंदाज में मिलते थे जिसे सभी पसंद करते थे लेकिन चारा घोटाला में सजायाफ्ता होने के बाद लालू जेल चले गए और उनके जीवन से त्योहारों की रौनक गायब हो गई. यदि लालू यादव जेल से बाहर होते तो पटना में उनके आवास पर दही-चूड़ा भोज के लिए जलसा होता. हजारों की संख्या में आम से लेकर खास लोगों का तांता लगा होता. लालू खुद अपने हाथों से दही का बर्तन लेकर लोगों को दही और गुड़ बांटते थे. मगर अब लालू के जेल में बंद रहने से उनके आवास पर लगातार दो साल से दही-चूड़ा का भोज नहीं हो रहा है.

वहीं आरजेडी के वरिष्ठ नेता और लालू यादव के करीबी शिवानंद तिवारी मानते हैं कि आज के समय में लालू की कोई बराबरी नहीं कर सकता. वहीं विरोधी लालू यादव के त्योहार के जरिये तेजस्वी यादव पर हमला बोल रहे हैं. बीजेपी के नेता निखिल आनंद ने लालू के आवास पर लगातार दूसरे साल भी दही-चूड़ा भोज का आयोजन कैंसिल होने पर चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जब लालू के त्योहार को आगे बढ़ाने तक में अक्षम हैं तो भला पार्टी कैसे संभाल पाएंगे.

Source – News18

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here