टीम इंडिया में अब तक का बेस्ट विकेटकीपर पूर्व कप्तान एमएस धोनी को माना जाता है. किसी भी टीम की तरह टीम इंडिया में भी विकेटकीपर की भूमिका बहुत अहम रही है और उसके साथ जुड़ी बल्लेबाजी की उम्मीद की भी. बहुत कम क्रिकेटर इन दोनों भूमिका में फिट बैठते हैं. ऐसे ही एक बेहतरीन विकेटकीपर फारुख इंजीनियर रहे हैं जो मंगलवार को 82 साल के हो रहे हैं.

फारुख इंजीनियर अपने जमाने में इतने मशहूर थे कि उन्हें अपने समय में भारतीय क्रिकेट का पोस्टर ब्वाय कहा जाता था. वे बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और वेंकटराघवन जैसे दिग्गज स्पिनरों के रहते एक बेहतरीन विकेटकीपर माने जाते थे. उन्हें भारत ही नहीं दुनिया भर में शानदार विकेटकीपर माना जाता था. यही वजह थी कि 1970 के दशक के शुरु में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में ‘रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड इलेवन’ के लिए विकेटकीपर चुना गया.

1967-68 में इंजीनियर ने विदेशी दौर में भारतीय टीम को पहली टेस्ट सीरीज जीतने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने विकेट के पीछे तो टीम के लिए योगदान दिया ही, बल्ले से भी उपयोगी रन बनाए. उऩ्होंने भारत के लिए 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने दो शतकों के साथ 2611 रन बनाए और इसके साथ ही 66 कैच और 16 स्टंप्स किए. वहीं उन्होंने पांच वनडे मैच भी खेले जिसमें एक हाफ सेंचुरी के साथ 114 रन बनाए थे.

फैंस में रॉकी के नाम से मशहूर इंजीनियर एक पोस्टर बॉय के रूप में जाने जाते थे. डील डौल से मजबूत कद काठी के इंजीनियर ब्रिलक्रीम जैसी दिग्गज कंपनी के मॉडल बन गए थे. वे टीम इंडिया में आखिरी पारसी खिलाड़ी के तौर पर भी जाने गए.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंजीनियर इंग्लैंड में जाकर लंकाशायर में बस गए और काउंटी क्रिकेट में लंकाशायर की तरफ से खेलते रहे.

source – zee news

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