बिहार में सरकारी बीएड कॉलेजों की फीस जल्द होगी कम : नीतीश कुमार

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पटना : मुख्यमंत्री के लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान पटना निवासी लरीशा लाल ने सरकारी बीएड कॉलेजों की फीस निजी से ज्यादा होने का मामला उठाया. इस पर सीएम ने विभाग को निर्देश दिया कि वह इस विसंगति को जल्द दूर करें. सरकारी कॉलेजों की फीस निजी से ज्यादा है, ऐसा नहीं होना चाहिए. फीस का निर्धारण नये स्तर से करें. सीएम ने कहा कि स्टूटेंड क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए उम्र सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.

अगर उम्र सीमा बढ़ जाती है, तो इसका लाभ बीएड करनेवाली महिलाएं भी उठा सकती है. अभी अधिकतम उम्र सीमा 25 वर्ष है. बक्सर के अरुण ओझा ने स्कूलों में नैतिक शिक्षा और शिक्षा के महत्व का पाठ छात्रों को पढ़ाने का सुझाव दिया. दरभंगा के सुनील कुमार ने अतिरिक्त पीएचसी में डॉक्टरों की कमी का मामला उठाया. वहीं, दिव्यांगों से संबंधित सुझाव पटना निवासी शेख अरसद इमाम का आया. उन्होंने सरकारी कार्यालयों में विकलांगों के साथ गलत व्यवहार करने व मूलभूत सुविधाओं की कमी का मामला उठाया. सीएम ने संबंधित प्रधान सचिव एन विजयलक्ष्मी को निर्देश दिया कि वह सरकारी कर्मियों से संबंधित एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार करें, जिसमें कार्यालयों में दिव्यांगों के साथ उचित व्यवहार की दिशा-निर्देश मौजूद हो.

लोक संवाद : धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व संरक्षण पर राज्य सरकार गंभीर

राज्य में 60 साल से पुराने जितने भी मंदिर हैं, सब की घेराबंदी का काम राज्य सरकार अपने खर्चे पर करवा रही है. इन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण का काम तेजी से किया जा रहा है. ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान सोमवार को लोगों से सुझाव लेने के दौरान कही. उन्होंने कहा कि बिहार में लोगों की धार्मिक और पुरातात्विक मूर्तियों के प्रति अलग तरह की मानसिकता है.

एक बार जिसके पास यह चला जाता है, वह इसे न तो देना चाहता है और न ही इसे जमा करना चाहता है. इस वजह से बिहार में पुरातत्व स्थलों की देखभाल या संरक्षण करना मुश्किल होता है और कई बार विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो जाता है. सीएम लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान कुल छह सुझाव आये. इसमें दो शिक्षा, दो स्वास्थ्य और एक समाज कल्याण से जुड़ा था.

 

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