बिहार में नालंदा के मुस्लिमों ने की अनूठी पहल, ‘मस्जिद परिचय’ में लगाया हिंदुओं को गले

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बिहार ने एक बार मिल्‍लत का संदेश दिया। रविवार को नालंदा के मुस्लिमों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्‍होंने हिंदु कौम के लोगों को मस्जिद में बुलाया और वहां के ताैर-तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्‍हें गले लगाया और समाज में मिल्‍लत से रहने का संदेश दिया। मस्जिद परिचय के नाम से कार्यक्रम आयाेजित कर नालंदा के मुस्लिमों ने बिहार में अनूठी पहल की। इस कार्यक्रम की दोनों समुदाय के लोग काफी सराह रहे हैं।

नालंदा की भैंसासुर मस्जिद मेें आयोजित ‘मस्जिद परिचय’ कार्यक्रम मेें 100 हिंदुओं ने भाग लेकर पूरे मुल्क को कौमी एकता का संदेश देने की कोशिश की है। पूरेे बिहार में यह अनूठा कार्यक्रम था जिसमेें मुसलमानों नेे मस्जिद का दरवाजा खोलकर हिंदुओं को गले लगाया और इबादत के तौर तरीकों को उन्हें समझाया।

भैंसासुर बड़ी मस्जिद कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम मेें लोगों को वुजू, अजान व नमाज के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके लिए हर स्टेप को समझाने केे लिए वालंटियर मौजूद थे। मो. इंजीनियर अली ने बताया कि अल्लाह-हु-अकबर का मतलब हैै कि अल्लाह महान है। जैसे हिंदू भाई कहते है कि ईश्वर महान है। कमेटी के सदस्य आफताब शम्स ने कहा कि हमारा उद्देश्य बस इतना है कि सभी लोग एक दूसरे के धर्मों के बारे मेें जानें। सभी धर्माेें का संदेश शांति है।

शिक्षाविद उदय शंकर सोनी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम दोनों तरफ से होनी चाहिए। संवाद ही एक रास्ता हैै जो दोनों धर्म के बीच सेतु का काम कर सकता है। अगर हमें सांप्रदायिकता को मिटाना है तो प्यार और मोहब्बत के दीपक जलाने होंगे जिसकी सार्थकता देखने को मिल रही है। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी गुरू सहाय प्रसाद ने कहा कि हमें अपने अतीत में झांकने की आवश्यकता है, ताकि प्यार के पुराने दौर को एक बार पाया जाए। कार्यक्रम मेें बुक स्टॉल भी लगा जिसमेें ङ्क्षहदी मेें कुरआन व अन्य धार्मिक पुस्तकें मौजूद थीं।

Source – Jagran

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