पटना: बिहार के सभी जिलों और अनुमंडल अस्पतालों की कैंटीन अब जीविका दीदियां चलाएंगी। ‘दीदी की रसोई’ के नाम से यह कैंटीन चलेगी। इसके साथ ही प्रति मरीज को रोज के भोजन के लिए मिलने वाली राशि को 100 से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।

बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मरीजों को अस्पतालों में शुद्ध एवं पोषक भोजन देने के लिये यह निर्णय लिया गया है। साथ-ही इससे महिलाओं की आर्थिक समृद्धि भी होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूर्णिया के दौरे में वहां के अस्पताल में जीविका दीदियों के माध्यम से बेहतर भोजन उपलब्ध कराए जा रहे कार्य को देखा। इसके बाद उन्होंने सभी अस्पतालों में इस तरह की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। राज्य में 38 जिले तथा 56 अनुमंडल अस्पताल हैं।  

जलाशयों का रख-रखाव भी दीदियां करेंगी
जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत नव सृजित और विकसित सार्वजनिक जलाशयों का रख-रखाव और प्रबंधन अब जीविका की दीदियां करेंगी। कैबिनेट ने इसकी भी स्वीकृति दी है। गौरतलब हो कि जल संचयन को लेकर राज्य भर में तालाबों, आहर-पईन आदि का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। साथ ही नये तालाबों आदि का निर्माण भी किया जा रहा है।  

भूमि सुधार विभाग में 3883 नियुक्ति होगी 
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 3883 स्थायी पदों पर नियुक्ति होगी। कैबिनेट की बैठक में इन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इनमें सबसे अधिक 3738 पद डाटा इंट्री ऑपरेटर, ग्रेड ए के होंगे। 139 पद डाटा इंट्री ऑपरेटर, ग्रेड सी के पद होंगे। इनकी तैनाती जिला, अनुमंडल और अंचलों में की जाएगी। गौरतलब हो कि दाखिल-खारिज समेत अन्य कार्य को ऑनलाइन किया गया है। इसके लिए अधिक कर्मियों की जरूरत महसूस की जा रही है। 

एक अक्टूबर से पटना के नगर निकायों में नहीं चलेंगे डीजल ऑटो 
पटना नगर निगम तथा दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र में 30 सितंबर, 2021 की मध्य रात्रि तक ही डीजल ऑटो चल सकेंगे। एक अक्टूबर से इनके परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। पूर्व में निर्णय लिया गया था कि पटना नगर निगम में 31 जनवरी तथा उक्त तीनों नगर परिषद में 31 मार्च, 2021 की मध्य रात्रि तक ही डीजल ऑटो चलेंगे। इस बीच सभी डीजल और पुराने पेट्रल ऑटो को सीएनजी में बदलना था। पर, कोरना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन और फिर चुनाव के कारण सभी ऑटो का सीएनजी में बदलने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसलिए इसकी अवधि बढ़ायी गई है। पटना और आस-पास के क्षेत्रों के प्रदूषण को रोकने के लिए उक्त कदम उठाए गए हैं। 

गंगा जल उद्वह योजना के लिए 456 करोड़  
गंगा जल उद्वह योजना के फेज-1 के लिए 456 करोड़ रुपए आकस्मिकता निधि से देने की अग्रिम स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। गौरतलब हो कि इस योजना के तहत गंगा जल को शुद्ध कर गया, बोधगया, राजगीर और नवादा शहर में पेयजल के रूप में आपूर्ति किया जाना है। 

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