बिहार की बेटी और हाजीपुर की लाडली स्नेहा बनी देशभर में ‘टॉपर’, एम्स परीक्षा में लहराया परचम

एक बिहारी सब पर भारी

मदर्स डे की पूर्व संध्या पर वैशाली की बेटी ने मां को गौरवांन्वित कर दिया है। उसने न सिर्फ माता-पिता और वैशाली बल्कि बिहार का नाम भी रौशन किया है। चिकित्सक रवि प्रकाश और कामिनी चौधरी की बेटी स्नेहा प्रकाश ने एम्स पीजी इंट्रेंस एग्जाम में देशभर में पांचवा स्थान हासिल किया है। रात के करीब साढ़े नौ बजे ऑन लाइन रिजल्ट जारी हुआ। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से फोन पर हुई बातचीत के दौरान स्नेहा ने बताया कि मां के लिए बहुत अच्छा गिफ्ट हो गया। मैं दिल्ली में हूं। कल मम्मी-पापा मुझसे मिलने आ रहे हैं।

स्नेहा ने बातचीत के दौरान बताया कि इस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मैंने दिसंबर 2017 से अच्छी तरीके से पढ़ाई शुरू की। मार्च तक मेरा कोर्स पूरा हुआ। मैंने जिस कोचिंग को ज्वाइन किया था। उसमें सप्ताह में दो राउंड का टेस्ट होता था। दिनभर मैं पढ़ती थी, किसी और चीज में मन नहीं लगता था, क्योंकि मेरी तमन्ना थी कि मैं एम्स से ही पढ़ाई करूं।

कक्षा चार तक की पढ़ाई संतपाल स्कूल हाजीपुर से करने के बाद स्नेहा बंग्लुरू में पढ़ने चली गई थी। वहां से हाईस्कूल पूरा करने के बाद दिल्ली से इंटर की पढ़ाई की। इंटर के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई जिपमर पांडीचेरी से की। पीजी की पढ़ाई के बारे में बताया कि आई या फिर रेडियोलॉजी से पीजी करने का इरादा है। फोन पर रात के करीब 11 बजे बातचीत के दौरान पिता ने डॉ रवि प्रकाश ने बताया कि एक घंटे पहले ही पता चला, मुझे इतनी खुशी मिली है कि बयां नहीं पा रहा हूं। कहते हैं कि बचपन से ही मेरी बेटी पढ़ने में काफी तेज थी। मां डॉ कामिनी चौधरी ने बताया कि बेटी ने मदर्स डे की पूर्व संध्या पर गौर्वान्वित कर दिया।

प्रतियोगी परीक्षी की तैयारियों पर चर्चा करते हुए स्नेहा ने बताया कि रोजाना 14 से 15 घंटे की पढ़ाई मैं करती थी। तब जाकर सफलता मिली। पूरे कोर्स की तैयारी के बाद एक महीने सिर्फ रीविजन किया। उस दौरान भी 1- से 12 घंटे पढ़ती थी। छात्रों के लिए यह कहना चाहूंगी कि जो भी करना है अच्छे से कहें। पूरा फोकस रहें। इरादे पक्के रहेंगे तो सफलता बहुत देर तक इंतजार नहीं करवा सकती।

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