शाहाबाद जिला के इन दो बिहारी पर पूरा देश करता है गर्व

एक बिहारी सब पर भारी

आर के श्रीवास्तव और सत्यम को कौन नही जानता। ये दोनों बिहारी कोई परिचय के मोहताज नही। मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव के द्वारा चलाया जा रहा अभियान “आर्थिक रूप से गरीबों की नहीं रूकेगी पढ़ाई ” की चर्चा आज बिहार सहित पूरे देश मे होने लगा है।

आर के श्रीवास्तव के गणित पढ़ाने के तरीके का कायल बिहार के स्टूडेन्टस तो पहले से है ही । पिछले वर्षो से उतराखण्ड की राजधानी देहरादून के स्टूडेन्टस भी आर के श्रीवास्तव के आइआइटी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने हेतू मैथेमेटिक्स पढ़ाने के तरीके के दिवाने हो गये है।

आपको बताते चले की रोहतास जिले के निवासी आर के श्रीवास्तव ने अपने शैक्षणिक अभियान के तहत सब्जी बिक्रेता , पान बिक्रेता , गरीब किसान , भूमीहीन मजदूर के बेटे को आइआइटी , एनआइटी , बीसीईसीई, एनडीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों मे बेहतर रैंक के साथ उनके सपनों को पंख लगाया। आज ये बच्चे अपने गरीबी को काफी पीछे छोड़ देश – विदेश के प्रतिष्ठित कंपनियों मे अच्छे तनख्वा पर कार्यरत है।




बिहारी

क्या कहते है अपने बच्चों की सफलता पर अभिभावक – रोहतास जिले के मोथा निवासी सब्जी बिक्रेता संजय गुप्ता , बिक्रमगंज के पान बिक्रेता राजकुमार साह , क्वाथ के गरीब किसान जितेन्द्र बहादुर स्वरूप , किसान सत्येन्द्र सिह सहित दर्जनों अभिभावक अपने बच्चे की सफलता का श्रेय मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव के द्वारा चलाया जा रहा अभियान आर्थिक रूप से गरीबों की नहीं रूकेगी पढ़ाई सहित श्रीवास्तव के द्वारा शिक्षा मे बच्चों पर दिन – रात निरंतर किए जा रहे मेहनत को दिया। बच्चों की सफलता के बाद वैसे आर्थिक रूप से गरीब अभिभावकों के आॅखो मे आँसू आ गये।




बिहार के आर्थिक रूप से गरीब अभिभावको ने आर के श्रीवास्तव को गरीबों का मसीहा का नाम भी दिया है। जो कभी सपने मे भी नही सोचे थे की मेरा बेटा इंजिनीयर बनेगा।क्योकि आज के स्कूल से लेकर कोचिग संस्थानों मे शिक्षा लेना इतना महॅगा हो गया है की आर्थिक रूप से गरीब परिवार के लिए उच्च शिक्षा अपने बच्चों को दिलाना एक सपने जैसा लगने लगा है।

लेकिन बिहार के चर्चित मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव ने वैसे आर्थिक रूप से गरीब परिवार के बच्चों के सपने को कभी टूटने नही दिया।और सफलता दिलाकर उनके सपने को पंख दिया। दूसरे तरफ शाहाबाद की आन बान शान भोजपूर जिले के बखौरापूर निवासी सिद्धनाथ सिंह के पुत्र सत्यम को कौन नही जानता।




जो सिर्फ 12 वर्ष की उम्र मे देश के प्रतिष्ठित संस्थान आइआइटी की प्रवेश परीक्षा में सफलता पाकर इतिहास रचा।बिहार की शान सत्यम को इस अदभूत सफलता प्राप्त करने के बाद सचिन तेन्दुलकर , ऐश्वर्या राय सहित देश के बहुत सारे प्रतिष्ठित लोगों ने सम्मानित भी किया। आने वाले वर्षों मे पूरा देश बिहार के इन दो लाल पर उम्मीद भरी निगाहो से देख रहा है।

एक गरीब परिवार के बच्चों के उच्च शैक्षणिक संस्थानों मे प्रवेश पाने के सपनों को पूरा कर रहा है क्योंकि पढेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया। तो दूसरा अपने प्रतिभा का डंका भारत के अलावा विदेशों मे भी बजा रहा है।




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