बिंद टोली

अब पटना पर भी बाढ़ का खतरा, बिंद टोली को जोड़ने वाला लिंक रोड डूबा

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पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन गंगा उफान मारने लगी है। हर दिन जलस्तर बढ़ रहा है। गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से मात्र 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। 24 घंटे में गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। गंगा की बढ़ती धार में बिंद टोली का रास्ता बह गया है, जिसके कारण कुर्जी घाट से बिंद टोली का संपर्क टूट गया है।

अब यहां के लोगों को इस पार से उस पार होने के लिए एक मात्र सहारा नाव बच गई है। कहीं घाट तक पानी पहुंचने लगा है तो कहीं एक दो सीढ़ियां ही दिख रही हैं। हर घाट की ओर गंगा का पानी आगे आने लगा है। गंगा पार नकटा दियारा और सबलपुर के लोग भी इस पानी से अब परेशान होने लगे हैं।

कह रहे हैं- एक-दो दिन और इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो दियारा से बोरिया-बिस्तरा समेटकर पटना आना पड़ेगा। यहांघाट लबालब है। महेंद्रू घाट और अंटा घाट के बीच यह घाट नीचा होने के कारण पानी अंतिम सीढ़ी तक पहुंच गया है। पानी तेजी से बढ़ रहा है। सेल्फी लेने वाले और गंगा में छलांग लगा नहाने वालों की भीड़ लगी है।




बिंद टोली




बुधवार की शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 48.17 मीटर था। 17 अगस्त की शाम छह बजे जलस्तर 48.30 मीटर हो गया है। 24 घंटे में 13 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। इस घाट की पांच सीढ़ियां अभी पानी से बाहर हैं। बाकी सीढ़ियां डूब चुकी हैं।

कुर्जी घाट के सामने गंगा की पेटी में बसी बिंद टोली चारों तरफ से पानी से घिर गई है। एक बांध के सहारे इस पार से उस पार यहां के लोग आते-जाते थे। गुरुवार की सुबह बांध का आधा हिस्सा पानी में बह गया है और पैदल आने-जाने का रास्ता खत्म हो गया है। नाव ही एक सहारा है।




यहां पानी का फैलाव किनारे की ओर बढ़ने लगा है। कटाव हो, इसके लिए जगह-जगह जाल में बालू की बोरी डाली गई है। इस घाट के उस पार दक्षिण की ओर नकटा दियारा के कुछ घरों के आगे दालान में पानी पहुंच चुका है। नकटा दियारा निवासी दिनेश्वर राय और नंदकिशोर बताते हैं कि पानी तेजी से बढ़ रहा है। दो-तीन दिन बाद स्थिति और खराब हो जाएगी।

बिंद टोली




यहां गंगा का पानी घाट तक पहुंच गया है। मात्र छह सीढ़ियां पानी में डूबने से अभी बची हैं। घाट के सौंदर्यीकरण के लिए बनाए गए स्ट्रक्चर और रेलिंग पानी में डूब गए हैं। इसी के पास अंटा घाट पर भी 12 सीढ़ियां पानी में डूबने से बची हैं।







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