“प्रभु” भरोसे हो सकता है रक्षा मंत्रालय, मनोज सिन्हा को रेलमंत्री की ज़िम्मेदारी..??

राजनीति

रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को प्रमोशन मिलना लगभग तय है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें रेल मंत्री बनाया जाएगा। मनोज सिन्हा के नाम पर सहमति बन गई है। सुर्खियों से बचने के लिए मनोज सिन्हा अपने लोकसभा क्षेत्र गाजीपुर चले गए हैं और शनिवार शाम या रविवार सुबह वे दिल्ली आएंगे।

गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल रविवार सुबह 10 बजे होगा। वहीं, रेलमंत्री सुरेश प्रभु को रक्षा मंत्रालय मिल सकता है। सुरेश प्रभु अपने इस्तीफे की पेशकश करने वाले दिन के बाद से आजतक अपने दफ्तर नहीं आए हैं। मंत्रालय की फ़ाइलें उनके आवास पर ही जाती है।

सुरेश प्रभु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत पसंद हैं और रेल दुर्घटनाओं के लिए पीएमओ उनको जवाबदेह नहीं मान रहा है, क्योंकि रेल परिचालन में मुख्य भूमिका अधिकारियों की होती है। इसलिए प्रभु के कद में कोई कमी भी नहीं की जाएगी और उन्हें रक्षा मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी दी जा सकती हैं।

सूत्र बताते हैं कि मनोज सिन्हा पहले से रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दूसरी बात कि मनोज सिन्हा को केंद्रीय मंत्री बनाने से यूपी के वे फॉरवर्ड वोटर भी खुश हो जाएंगे, जो यूपी विधानसभा चुनाव के बाद सीएम की रेस में मनोज सिन्हा का नाम बाहर होने के बाद से मायूस हो गए थे। इसलिए भी मनोज सिन्हा के नाम पर सहमति बनी है।

कैबिनेट में JDU दो नेताओं को भेजकर देगा लालू और शरद को मात ?

रविवार यानी 3 सितंबर को मोदी कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। इस कैबिनेट में एनडीएम में हाल में शामिल सहयोगी पार्टियों को भी मौका दिया जाएगा। जेडीयू के दो नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल मे शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों की माने तो नीतीश के करीबी बिहार से राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं, दूसरा नाम राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर का बताया जा रहा है। समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर का संबंध भी सीएम नीतीश के साथ अच्छे हैं।
नीतीश इन दोनों को मोदी कैबिनेट में भेजकर एक तरफ कुर्मी समुदाय को आरसीपी सिंह के जरिए अपनी तरफ करने की कोशिश करेंगे तो दूसरी तरफ समाजवादी जमीन को लेकर जो लड़ाई लालू और शरद यादव के साथ चल रही है, ऐसे में कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर को आगे करके इसपर जीत हासिल करने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा मंत्रिमंडल में शामिल होने की रेस में वशिष्ठ नारायण सिंह,कहकशां परवीन और संतोष कुशवाहा शामिल हैं।

गिरिराज सिंह ने भी मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा

तीन साल पूरे कर चुकी मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल होने वाला है। गुरुवार शाम को कई मंत्रियों ने इस्तीफे की झड़ी लगा दी।

राजीव प्रताप रूडी, कलराज मिश्र, महेंद्र नाथ पांडेय के इस्तीफे हो गए हैं, वहीं कई मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है। खबर ये भी है कि बिहार कोटे से फायर ब्रांड मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन पिछले मंत्रिमंडल फेरबदल में इनको हटाने की चर्चा जोरों पर थी। गिरिराज बिहार से नवादा के सांसद है औऱ फिलहाल मोदी मंत्रिमंडल में सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्योग राज्यमंत्री हैं।बयानों को लेकर अक्सर ये विवादों में रहे हैं।

ऑडिट के बाद फैसला
कहा जा रहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट किया था, सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया था। इस रिपोर्ट में मंत्रालय से जुड़ी योजनाओं को लागू करने से लेकर पार्टी की जिम्मेदारियों का लेखा जोखा है। ऑडिट के आधार पर ही कैबिनेट फेरबदल का फैसला लिया जा रहा है।

इनकी छुट्टी तय, इनका होगा प्रमोशन
कहा जा रहा है कि जलमंत्री उमा भारती, राजीव प्रताप रूडी, संजीव बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते की छुट्टी की जा रही है। वहीं यूपी से वरिष्ठ मंत्री कलराज मिश्र का भी हटना तय है। कलराज मिश्र को बिहार का गवर्नर बनाया जा सकता है।
मंत्रिमंडल में कुछ मंत्री ऐसे हैं जिनके काम से पीएम मोदी काफी खुश हैं। इन मंत्रियों में पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं। फिलहाल जावड़ेकर के पास मानव संसाधन मंत्रालय, धर्मेंद्र प्रधान के पास पेट्रोलियम मंत्रालय और पीयूष गोयल के पास ऊर्जा मंत्रालय का जिम्मा है।

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