पटना एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन होगा छह गुना बड़ा, 900 करोड़ खर्च….

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पटना एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का पीपीआर बन गया है. 240 मीटर लंबा और 95 मीटर चौड़ा दो मंजिला मुख्य भवन 22,800 वर्ग मीटर में फैला होगा. वर्तमान में टर्मिनल भवन की लंबाई 90 मीटर और चौड़ाई 42 मीटर है और इसका कुल क्षेत्रफल केवल 3780 वर्ग मीटर है. नया भवन वर्तमान टर्मिनल भवन से लगभग छह गुणा बड़ा होगा, जिसकी सालाना क्षमता 30 लाख यात्रियों की होगी. वर्तमान में यह क्षमता सालाना केवल 5 लाख यात्रियों की है.

टर्मिनल भवन दो मंजिला होगा जिसके ग्राउंड फ्लोर पर एराइवल सेक्शन होगा जहां से पटना एयरपोर्ट पर लैंड करनेवाले विमानों के यात्री बाहर निकलेंगेे. फर्स्ट फ्लोर पर डिपारचर सेक्शन होगा जहां बाहर जानेवाले यात्रियों के बैठने और सिक्यूरिटी चेकिंग आदि की व्यवस्था होगी. बेसमेंट में पावर सप्लाई, एसी और फायर फाइटिंग की व्यवस्था होगी. पूरे भवन में सेंट्रल एसी सिस्टम लगा होगा. यात्रियों की सुविधा के लिए इन लाइन बैगेज चेकिंग सिस्टम और पैसेंजर बोर्डेिग ब्रिज भी बनेगा.

टेक्निकल ब्लॉक और कंट्रोल टावर का भी निर्माण होगा. पांच नये विमान पार्किंग स्टैंड बनाये जायेंगे. अभी वर्तमान में पांच पार्किंग स्टैंड हैं जिनमें चार बड़ें विमानों के लिए और एक छोटे विमान के लिए है. पांच नये स्टैंड बन जाने के बाद बड़े विमानों के पार्किंग स्टैंड की संख्या बढ़ कर नौ हो जायेगी.

patna airport

सबसे पहले स्टेट हैंगर बनेगा. इसके लिए अगले साल फरवरी तक दो राजकीय स्टेट हैंगर में से एक को तोड़़ दिया जायेगा और उसे नये जगह में बनाया जायेगा. उसके बाद दूसरे हैंगर को तोड़़ा और बनाया जायेगा. छह महीने के भीतर दोनों स्टेट हैंगर को तोड़ कर नये जगह पर बना दिया जायेगा.

एयरपोर्ट पर हुई एक बैठक में नक्शे पर हुआ गहन विचार-विमर्श

प्रोजेक्ट के निर्माण और उस पर काम शुरू करने के लिए एक प्रोजेक्ट मॉनेटरिंग कंसल्टेंसी बनायी गयी है. इसने प्रीलिमनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना लिया है जिसे पटना एयरपोर्ट के सिविल इंजीनियरिंग सेक्शन के अधिकारियों के विचार के लिए भेजा गया है. गुरूवार को पटना एयरपोर्ट पर संपन्न एक बैठक में स्थानीय अधिकारियों ने इस पर विचार किया और प्रस्तुत नक्शा में संशोधन के कुछ सुझाव भी दिये. इनको डीपीआर बनाते समय ध्यान में रखा जायेगा.

प्रोजेक्ट मॉनेटरिंग कंसल्टेंसी कॉस्ट एसेस्मेंट और टेंडर निकालने में भी मदद करेगा. छह महीने के भीतर यह सभी काम पूरे हो जायेंगे. उसके बाद निर्माण शुरू होगा जिसे पूरा होने में लगभग दो साल लगेंगे. इसप्रकार अगले ढाई साल मेंं निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा.
छह गुना अधिक यात्रियों की होगी क्षमता

प्रोजेक्ट मॉनेटरिंग कंसल्टेंसी ने नये टर्मिनल भवन का पीपीआर बनाया है. इसकी क्षमता वर्तमान की तुलना में छह गुणा अधिक यात्रियों की होगी. छह महीने के भीतर इसका निर्माण शुरू हो जायेगा. उम्मीद है निर्माण कार्य शुरू होने के दो वर्षों के भीतर उसे पूरा कर लिया जायेगा .

पटना एयरपोर्ट पर गुरूवार को बोलार्ड (विशेष प्रकार के हर्डल) पूरी तरह से एरेंज कर दिया गया. इसके कारण पिक और ड्रॉप के दौरान वहां अन्य दिनों की तरह वाहनों की लंबी कतार नहीं दिखी. अपने अपने लेन में गाड़ियां आसानी से आती-जाती दिखी.

बेंगलुरु के लिए फ्लाइट

एक अक्टूबर से पटना से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए जेट एयरवेज की दो नई उड़ान सेवा शुरू होगी. दिल्ली के लिए तो पहले से भी जेट एयरवेज की फ्लाइट है लेकिन बंगलोर के लिए सीधी उड़ान सेवा पहली बार शुरू हो रही है. यात्रियों को सुविधा होगी व समय बचेगा.
गुुुरुवार को पटना एयरपोर्ट के प्रीपेड ऑटो स्टैंड के काउंटर को उखारने और स्थल की घेराबंदी के बाद ऑटो चालकों ने अपना ऑटो बगल के वाहन पार्किंग स्टैंड में लगाना शुरू कर दिया है. हालांकि जगह से हटने से उन्हें व यात्रियों को परेशानी हो रही है.

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