कैंसर से जूझ रहे पिता की ख्वाहिश बेटी ने की पूरी, पास की IAS की परीक्षा

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इंसान की जिंदगी कब कहां मोड ले ले ये कहा नहीं जा सकता. सभी का एक समय आता है और सच्चे मन से की हुई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है. हाल ही में UPSSC 2019 का परिणाम घोषित हुआ है जिसमें देश के कई बच्चों ने बाजी मारकर आईएएस का एग्जाम क्लियर किया है. उनके इस रिजल्ट से उनका परिवार, पड़ोसी और रिश्तेदार सभी खुश हैं लेकिन इसके पीछे उनकी बेपनाह मेहनत सबसे ज्यादा तारीफ की हकदार है. उन्हीं विजेताओं में एक ऐसी लड़की भी रही है जिसकी कहानी दिल को छू जाने वाली है. कैंसर से जूझ रहे पिता की ख्वाहिश बेटी ने की पूरी, इस बेटी ने अपने पिता की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया.

कैंसर से जूझ रहे पिता की ख्वाहिश बेटी ने की पूरी
पंजाब के मोगा में रहने वाली रितिका ने आईएएस की परीक्षा पास करते हुए देशभर में 88वीं रैंक प्राप्त की है. उन्होंंने ये उपलब्धि तब हासिल की जब उनके पिता लुधियाना के एक अस्पताल में कैंसर से जूझ रहे हैं.असल में जब रितिका आईएएस की परीक्षा पास करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही थी तभी उन्हें खबर मिली कि उनके पिता को एक बार फिर से कैंसर ने जकड़ लिया है और इसके बावजूद रितिका ने अपने मनोबल को टूटने नहीं दिया और तैयारियों में पहले से ज्यादा जुट गई. जिसका फल अब उन्हें परीक्षा में अच्छी रैंक प्राप्त करके मिला है. परीक्षा की तैयारी में मदद करने वाले निजी शैक्षणिक संस्थान के एमके यादव ने बताया कि रितिका को हमेशा से ही सफलता हासिल करने की एक अलग ही चाहत थी और ये उसकी मेहनत में दिखता भी था. वो दिन-रात नहीं देखती थी बस पढ़ना ही उसका काम था और दुनिया की हर चीज से खुद को दूर कर लिया था.

रितिका ने 12वीं में सीबीएसई एग्जाम में टॉप किया था और स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज से कॉमर्स सबजेक्ट के साथ की. यहां पर भी रितिका टॉपर ही रहीं और उन्होंने कॉलेज के अच्छे प्लेसमेंट को ठुकरा दिया क्योंकि उनका फैसला था कि वो यूपीएसएससी क्लियर करेंगी. जिसकी तैयारियां उन्होने शुरु कर दी. रितिका के पिता ने ऐसा सपना देखा है और इसे वे किसी भी हाल में पूरा करना चाहती थीं.

ग्रेजुएशन के बाद से ही उन्होने तैयारी करना शुरु कर दिया और सफलता हासिल की. हालांकि पहली बार में वे असफल रहीं लेकिन दूसरी बार में 88वीं रैक लाकर अपने कोचिंग का भी मान-सम्मान बढ़ा दिया.


पिता के सबसे करीब रही हैं रितिका
जब रितिका से उनकी सफलता का श्रेय किसे देंगी पूछा गया तब उन्होंने बिना झिझकते हुए अपने पिता का नाम लिया. रितिका अपने पिता के बहुत करीब रही हैं और वे एक मिडिल क्लास फैमिली को बिलॉन्ग करती हैं फिर भी इस मुकाम पर पहुंच गईं. रितिका के मुताबिक उनके पिता ने उन्हें कभी इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि उनके पास ज्यादा रुपये नहीं है उनके पिता ने उनकी हर जरूरत का ख्याल रखा और अब वे अपने पिता का अच्छे से इलाज करवाएंगी.

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