कर्नाटक में अब क्या करेगी BJP? नव निर्वाचित मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के पास क्या है रास्ता ?

राजनीति

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। लेकिन जादुई आंकड़े से दूर है। 222 सीटों पर हुए मतदान के बाद किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 112 सीट चाहिए।

बीजेपी को 104 सीटें मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कनार्टक विधानसभा में शनिवार शाम चार बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया है।

वहीं कांग्रेस के पास 78, जेडीएस के पास 38 और अन्य के पास 2 सीटें हैं। इनमें से कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन कर दिया। उनके पास मैजिक नंबर 78+38=116 मौजूद हैं।

  • पहला विकल्प

बीजेपी की पूरी कोशिश होगी कि वह कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को इस बात के लिए राजी करे कि वे अनुपस्थित रहें या उसके पक्ष में वोट करें। सभी पार्टी शक्ति परीक्षण के दौरान अपने विधायकों व्हीप जारी करती है।

इसका उल्लंघन करने पर विधानसभा अध्यक्ष विधायकों की सदस्यता रद्द कर सकते हैं। बीजेपी की बहुमत के आंकड़े में लाने के लिए विधायकों को इस्तीफा देने के लिए भी तैयार किया जा सकता है। हालांकि इसके विपक्षी पार्टियों के 15 विधायकों की जरूरत होगी।

वर्तमान में सदन का आंकड़ा 222 है, अगर 15 विधायक वोटिंग के दौरान गैरहाजिर रहते हैं तो सदन की संख्या 208 रह जाएगी और बीजेपी बहुमत को हासिल कर लेगी।

  • दूसरा विकल्प

बेंगलुरु और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि 2008 में बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ एक बार फिर दोहराया जा सकता है। ऐसे में पार्टी जेडीएस और कांग्रेस के विधायकों से इस्तीफा दिलवा सकती है और उपचुनाव के जरिए उन्हें अपने चुनाव निशान पर सदन में ला सकती है।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार जेडीएस और कांग्रेस के कुछ लिंगायत विधायक बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं। कांग्रेस के टिकट पर 21 और JDS के टिकट पर 10 लिंगायत विधायक जीतकर आए हैं। बीजेपी के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा खुद लिंगायत समुदाय से आते हैं। हालांकि इसके लिए काफी कम समय है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार फ्लोर टेस्ट कल शाम को ही होना है।

  • तीसरा विकल्प

कांग्रेस और जेडीएस के दो-तिहाई विधायकों को तोड़कर बीजेपी दल-बदल कानून से बच सकती है। हालांकि इस बात की संभावना बेहद कम है।

कांग्रेस के 78 विधायक चुनकर आए है, पार्टी को तोड़ने के लिए कम से कम 52 विधायकों की आवश्यकता है। वहीं जेडीएस के 38 विधायक जीतकर आए हैं, इस पार्टी को तोड़ने के लिए 26 विधायकों की जरूरत होगी।

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