कभी परिवार वाले चाहते थे शादी करवाना, आज IPS के बाद IAS बन पत्थरबाज युवाओं की सोच पर जड़ा करारा तमाचा

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आप पर एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है। क्योंकि आपको पता नही चलता कि इसके बाद क्या होने वाला है।” रूवैदा बताती हैं कि उनके इस ऊंचाइयों के पीछे उनके परिवार का हाथ है।

उनके पिता ने हमेशा ही उनको प्रोत्साहित किया और कभी यह एहसास नही होने दिया कि वह एक औरत के रूप में पुरुषों की तुलना में कमज़ोर हैं। रूवैदा के पिता सलामुद्दीन बजद दूरदर्शन के उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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