कभी इस एक्टर के पास नहीं थे खाने तक के पैसे, दो वक्त की रोटी के लिए पैदल सफर करते थे

प्रेरणादायक

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन के पास भले ही आज पैसों की कोई कमी न हो, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे।  एक इंटरव्यू में खुद उन्होंने बताया था कि 1990, में जब गांव छोड़कर वो मुंबई आ गये थे तब उनके पास न खाने के लिए पैसे थे और न सिर छुपाने के लिए कोई ठिकाना था। दो वक्त की रोटी के लिए वह काम ढूंढते थे। काम मिल जाता तो भर पेट खाना नहीं तो भूखे पेट ही रात बितानी पड़ती थी। रवि किशन का पूरा नाम रवि किशन शुक्ला है।

17 जुलाई, 1969 को जौनपुर के छोटे से गांव बिसुईं में जन्मे रवि की पत्नी का नाम प्रीति है। उनके चार बच्चे हैं। तीन बेटियां (रेवा, तनिष्क, और इशिता) व एक बेटा सक्षम है। जब रवि मुंबई आए तो उनके पास इतने पैसे नही थे। कि वह बस का टिकट भी ले सकें रवि को कही जाना होता था तो वह पैदल ही सफर किया करते थे। इसके बाद उन्होंने छोटा-मोटा काम शुरू कर लिया था।

एक साल तक मुंबई में संघर्ष करने के बाद 1991 में रवि को फिल्म ‘पितांबर’ में काम करने का मौका मिला। इसके बाद 1994 में काजोल के साथ फिल्म ‘उधार की जिंदगी’ और 1996 में शाहरुख़ खान के साथ फिल्म ‘आर्मी’ में काम किया यहां से रवि किशन की लाइफ धीरे-धीरे ठीक-ठाक चलने लगी। 2003 में रवि ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘तेरे नाम’ में काम किया था। रवि किशन ने बताया की यहां से उन्हें पहचान मिली। इस फिल्म में रवि किशन को पंडित का रोल मिला था।

रवि ने माता-पिता की पसंद से ही शादी की थी वह चाहते थे की वह किसी हीरोइन से शादी करेंगे लेकिन उन्होंने माता-पिता की पसंद से ही शादी कर ली जब वह स्टार बन गये तो उनके पिता बहुत खुश थे उनके पिता को सब रवि किशन के नाम से ही जानते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.