एक मंदिर जहाँ लगातार बढ़ रहा है शिव के नंदी का आकार, हटाने पड़े खम्भे

आस्था

ऐसी मान्यता है कि तपस्या के समय विघ्न डालने की वजह से ऋषि अगस्त ने कौवों को यह श्राप दिया था कि अब कभी भी कौवे मंदिर प्रांगण में नही आ सकेंगे।

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