इंग्लैंड के पूर्व कप्तान टोनी ग्रेग को 1980 और 1990 के दशक वाली पीढ़ी एक मशहूर कॉमेंटेटर के तौर पर जानती है. 7 साल पहले वो इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी शानदार आवाज हमारे कानों में आज भी गूंजती है. उनका जन्म 6 अगस्त 1946 को दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में हुआ था.

ग्रेग के पिता स्कॉटिश थे, इसी वजह से उन्हें इंग्लैंड के लिए खेलने का मौका मिला. उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 40.43 की औसत से 3599 रन बनाए और 141 विकेट लिए इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाए और 19 विकेट चटकाए.

लेकिन उन्हें जिस प्रदर्शन के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है वो है इंग्लैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी. साल 1974 में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज दौरे पर गई थी. पोर्ट ऑफ स्पेन में सीरीज का 5वां और आखिरी टेस्ट मैच खेला गया. इंग्लैंड ने पहली पारी में 267 रन बनाए, जिसके जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 305 रन का स्कोर खड़ा किया, इस दौरान टोनी ने शानदार 8 विकेट चटकाए. दूसरी पारी में इंग्लैंड 263 रन पर ऑल आउट हो गई, और इस तरह वेस्टइंडीज को जीत के लिए 226 रन का लक्ष्य मिला, जो दिखने में आसान लग रहा था.

इंग्लैंड की तरफ से अब सारी जिम्मेदारी गेंदबाज़ों की थी. उम्मीद की जा रही थी कि टोनी अपनी पहली पारी जैसा प्रदर्शन दोहराएंगे, और हुआ भी कुछ ऐसा ही. वेस्टइंडीज का विकेट एक के बाद एक गिरना शुरु हो गया. टोनी की गेंद कहर ढा रही थी.

पूरी कैरीबियाई टीम 199 रन पर ऑल आउट हो गई, विंडीज का कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं बना सका. टोनी ने इस पारी में 5 विकेट हासिल किए और इंग्लैंड को सीरीज ड्रॉ कराने में मदद की. टोनी ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रच दिया था.

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने कॉमेंट्री को जिंदगीभर का करियर बना लिया, उनकी आवाज क्रिकेट फैंस को रोमांचित करती थी, और क्रिकेट खिलाड़ी से ज्यादा वो कॉमेंटेटर के तौर पर मशहूर हो गए. साल 2012 के मध्य में उन्हें शरीर में परेशानी होने लगी, अक्टूबर 2012 में फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला. ये कैंसर चौथे चरण में पहुंच गया था और अब बचने की कोई उम्मीद नहीं थी. 29 दिसंबर 2012 को उन्होंने आखिरी सांस ली और क्रिकेट की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई.

SOURCE – ZEE NEWS

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